कोलकाता, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी को सोमवार को बड़ा झटका लगा है। उनकी पार्टी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने सोमवार को राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है, जब बंगाल की प्रमुख पार्टी राजनीतिक संकट से जूझ रही है। विपक्षी इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए ममता दिल्ली में हैं।
रे ने अपने इस्तीफे में कहा, पश्चिम बंगाल की जनता ने 15 साल सत्ता में रहने के बाद टीएमसी को कथित भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अपराध और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्योग, रोजगार और कानून व्यवस्था सहित शासन में विफलताओं के कारण नकार दिया है। रे ने बंगाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन को ऐतिहासिक जनादेश बताया और कहा कि वे टीएमसी और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा देकर जनता के फैसले को स्वीकार कर रहे हैं।
रे ने आरजी कर अस्पताल में हुए बलात्कार और हत्या मामले में कहा, मैंने पुलिस आयुक्त और आरजी कार के प्रिंसिपल से हिरासत में पूछताछ की मांग की थी। मुझे अब भी विश्वास है कि सबूतों से छेड़छाड़ में उनकी मुख्य भूमिका थी। उन्होंने कहा, मुझे तभी समझ आ गया था कि टीएमसी जल्द ही ढह जाएगी। टीएमसी जनता से अपना जुड़ाव खो चुकी है। बता दें कि आरजी आंदोलन के दौरान रॉय का पार्टी से विरोध हुआ था।
रे य पहली बार 2011 में राज्यसभा सदस्य बने थे। टीएमसी ने उन्हें लगातार 3 बार उच्च सदन के लिए मनोनीत किया था। रे मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मामले में भी ममता बनर्जी के साथ थे और सुप्रीम कोर्ट गए थे।