तहसील दिवस में सीडीओ ने सुनी समस्याएं

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तहसील दिवस में 94 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : मंगलवार को तहसील सभागार में मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत की अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। तहसील दिवस के दौरान नागरिकों द्वारा कुल 94 शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों के शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
तहसील दिवस में पूर्ति विभाग, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, अतिक्रमण त्सहित अन्य जनसुविधाओं से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से प्राप्त हुईं। पूर्ति विभाग से संबंधित गैस आपूर्ति के मामलों में मुख्य विकास अधिकारी ने गंभीरता दिखाते हुए जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि गैस एजेंसियों द्वारा निर्धारित वितरण स्थलों पर ही पारदर्शी तरीके से गैस वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने पहले गैस बुक करवाई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बुकिंग क्रम में ही गैस उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि गैस वितरण में किसी प्रकार की असमानता अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसकी सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। नगर क्षेत्र कोटद्वार में अतिक्रमण संबंधी शिकायतों पर उन्होंने नगर निगम प्रशासन को निर्देशित किया कि अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी अभियान चलाया जाए, ताकि आमजन एवं वाहनों की आवाजाही सुचारु बनी रहे और किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो। पेयजल से संबंधित शिकायतों पर संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए कि सभी क्षेत्रों में नियमित एवं पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा जहां भी तकनीकी अथवा अन्य समस्याएं हैं, उनका त्वरित समाधान किया जाए। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी संदीप कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत नंदिता अग्रवाल, लोनिवि दुगड्डा निर्भय सिंह, ग्रामीण निर्माण खंड कोटद्वार श्रीपति डोभाल, महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग, खंड विकास अधिकारी विद्यादत्त रतूड़ी, सहायक नगर आयुक्त अजय एष्टवाल, खाद्य निरीक्षक करण क्षेत्री आदि मौजूद थे।

किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें
मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने कहा कि तहसील दिवस शासन की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाता है। कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण किया जाए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए तथा किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि समस्याओं का निस्तारण संबंधित स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, जिससे अनावश्यक विलंब से बचा जा सके और शिकायतकर्ता को शीघ्र राहत मिल सके।

स्कूलों का समय बदलने की मांग
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : प्राइवेट स्कूल संचालकों ने प्रशासन से स्कूलों का समय बदलने की मांग की है। प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसाइटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को तहसील में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि स्कूलों का समय पूर्व की भांति किया जाना चाहिए। वर्तमान समय किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। कहा कि मैदानी क्षेत्र में लगातार पारा बढ़ रहा है, जिससे बच्चों के बीमार होने का खतरा बना हुआ है।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अध्यक्ष अजयपाल सिंह और सचिव चंद्रशेखर ने किया। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत और उप जिलाधिकारी संदीप कुमार से मुलाकात की। बताया कि मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है और लू चल रही है। दोपहर के समय तेज धूप में निकलना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। बच्चे इस गर्मी में सुस्त और बीमार हो रहे हैं। उन्होंने वर्तमान समय सुबह 7:45 बजे से दोपहर 2:5 बजे तक के समय को अनुचित बताया। उन्होंने स्कूल का समय पहले की तरह ही करने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल में गिरिराज सिंह रावत, राकेश उनियाल, करुणेश कुकरेती, रेणुका गुसाईं, गणेश ध्यानी, वरुण भदोला शामिल थे।

नाली से अतिक्रमण हटाने की उठाई मांग
कोटद्वार : तहसील दिवस में सुखरौ मंदिर समिति के अध्यक्ष राजाराम अणथ्वाल ने सुखरौ देवी मंदिर के पास नाली से अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए कहा कि तीन माह पूर्व नाली से अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अभी तक नाली से अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। कहा कि जनहित में जल्द से नाली से अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए। श्री अणथ्वाल ने श्रमिकों की समस्या उठाते हुए कहा कि वर्षों से कोटद्वार का बाजार रविवार को बंद रहता था, जिससे दुकानों में कार्य करने वाले श्रमिकों का रविवार को अवकाश रहता था, लेकिन कुछ वर्षों से बाजार हर दिन की भांति रविवार को भी खुला रहता है, जिस कारण दुकान में काम करने वाले श्रमिकों को अवकाश नहीं मिलता है, जो कि श्रमिक अधिनियम के तहत अनुचित है। उन्होंने इस संबंध में उचित कार्रवाई करने की मांग की।

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