जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : विकासखंड जयहरीखाल के ग्राम चाई में आयोजित तीन दिवसीय ‘चाई ग्रामोत्सव’ का शुभारंभ इस वर्ष भी पारंपरिक उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के साथ हो गया है। पहले दिन ढोल-दमाऊं और मशकबीन की थाप ने पूरे गांव को लोकसंगीत की लय में सराबोर कर दिया। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकालकर आयोजन का शुभारंभ किया, जिससे पूरा वातावरण आस्था और संस्कृति से सराबोर हो उठा।

कलश यात्रा के उपरांत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महिलाओं और बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। पारंपरिक नृत्य और गीतों ने पहाड़ी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की। शाम के समय आयोजित भजन संध्या में धर्मेंद्र रावत ग्रुप की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और लोग देर रात तक झूमने को मजबूर हो गए। इसके उपरांत हुई गोष्ठी का शुभारंभ नगर पंचायत सतपुली के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि ग्राम चाई द्वारा ग्रामोत्सव के माध्यम से पहाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस पहल से अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा मिला है और विकासखंड जयहरीखाल की एक अलग पहचान बनी है। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी जगदंबा डंगवाल ने कहा कि पलायन की समस्या से जूझते पहाड़ी क्षेत्रों में इस प्रकार के आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामोत्सव पहाड़ की सांस्कृतिक अस्मिता को जीवंत रखने का एक सशक्त माध्यम है। महासचिव संगीत बुडाकोटी ने कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। आयोजन समिति के अनुसार मंगलवार को स्कूली बच्चों की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। साथ ही, शाम को संस्कृति विभाग की ओर से विशेष भजन संध्या आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता जगमोहन बुडाकोटी ने की, जबकि संचालन डॉ. पद्मेश बुडाकोटी द्वारा किया गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान अशोक बुडाकोटी, बीडीसी सदस्य मीनाक्षी बुडाकोटी सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।