अयोध्या,अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने आखिरकार मंगलवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने राम भक्तों के नाम एक पाती साझा कर कहा कि उनके ऊपर अनेकों लोगों द्वारा अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं, इसलिए मौन धारण कर लिया है। उन्होंने 17 लाइन के पत्र में लिखा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट आने पर वह सिलसिलेवार तरीके से हर सवाल का जवाब देंगे।
राय ने पत्र में लिखा, पिछले 7 जून, 2026 से, श्री रामजन्मभूमि मन्दिर परिसर के दानपात्र की गणना के समय की गई चोरी के संबंध में अनेक प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं, व्यक्तिगत मेरे ऊपर अनेको ने अनर्गल आरोप लगाए हैं, मैंने मौन धारण कर लिया है। उन्होंने लिखा, मन्दिर ट्रस्ट की 6 जलाई को सम्पन्न बैठक में एसआईटी की प्राथमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है. यद्यपि यह परम गोपनीय थी। राय ने आगे लिखा, आप सभी कह आश्वस्त करता हूं कि एसआईटी की अन्तिम रिपोर्ट आने के बाद, फैलाए जा रहे, सभी बिंदुओं पर अपना उत्तर क्रमानुसार दूंगा। सभी सत्य सामने आ जाएगा। राय ने लिखा कि वह अक्टूबर 1991 में संगठन द्वारा अयोध्या भेजे गए थे। उनका 45 साल का प्रचारक जीवन है। वह जहां-जहां रहे उनका जवीन खुली किताब रहा है। बता दें कि राय और ट्रस्टी सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा ट्रस्ट ने स्वीकार कर लिया है।