सूरत, गुजराज के सूरत और इसके आस-पास के जिलों में कुदरत का बड़ा कहर देखने को मिला है. पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पूरे इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. पिछले चौबीस घंटों के दौरान जिले में रिकॉर्ड सात इंच तक बारिश दर्ज की गई है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र और आम लोगों की कमर तोड़ दी है. शहर के तमाम प्रमुख रास्तों और रिहायशी इलाकों में कई फीट तक पानी भर गया है. पानी में फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत और बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं.
मौसम विभाग के ताजा अनुमान ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है, क्योंकि अगले चौबीस घंटों के दौरान भी सूरत सहित पूरे दक्षिण गुजरात में भारी से अति भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है. हालांकि राहत की बात यह है कि नौ जुलाई से बारिश की रफ्तार में कुछ कमी आने की उम्मीद है. नगर निगम की तरफ से मिले आंकड़ों के अनुसार, शहर के सेंट्रल जोन में सबसे ज्यादा 105 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिसने वहां के ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह फेल कर दिया है.
इस भारी बारिश के बीच सूरत से बेहद दर्दनाक खबरें भी सामने आई हैं. शहर के अलग-अलग इलाकों में चार लोगों की असमय मौत हो गई है. कापोद्रा इलाके में सोमवार को अचानक आसमानी बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई. वहीं दूसरी तरफ रांदेर इलाके में करंट लगने की वजह से एक बच्ची ने दम तोड़ दिया.
इसी तरह एक अन्य घटना में बिजली का खंभा या तार गिरने से आजम नाम का एक किशोर उसकी चपेट में आ गया और तड़पने लगा. उसे बचाने के लिए पास में ही मौजूद सलमान शेख नाम का पैंतीस साल का युवक तेजी से दौड़ा, लेकिन दुर्भाग्य से वह भी तेज करंट की चपेट में आ गया. इस हादसे में दोनों की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई. इन घटनाओं के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और बिजली विभाग के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है.
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