उत्तरकाशी()। यमुनोत्री धाम में कपाट खुलने से एक दिन पूर्व प्रशासन ने यात्रा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। अक्षय तृतीया पर्व पर आज गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा का शुभारंभ होगा। इससे पहले जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने धाम क्षेत्र और यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने करीब पांच किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग का निरीक्षण करते हुए रेलिंग, रेन शेल्टर, पेयजल, बिजली, चिकित्सा सुविधाएं, शौचालय और सफाई व्यवस्था की स्थिति परखी। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान सभी व्यवस्थाएं लगातार सुचारू बनी रहें और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मार्ग पर लगाए गए साइन बोर्डों की भी समीक्षा की गई। मंदिर परिसर के आसपास चेंजिंग रूम, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया गया है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से संवाद कर व्यवस्थाओं पर फीडबैक भी लिया। जानकीचट्टी में घोड़ा-खच्चर संचालन, डंडी-कंडी व्यवस्था और प्रीपेड काउंटर का निरीक्षण करते हुए रोटेशन प्रणाली को व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पशुओं के लिए बनाए गए पड़ावों पर चरी में गर्म पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया। यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है। खरसाली सहित सभी पड़ावों पर नियमित सफाई, कूड़ा निस्तारण और डस्टबिन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों की लीद के निस्तारण के लिए भी लगातार सफाई अभियान चलाने को कहा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।