लोन खातों के सेटेलमेंट के नाम पर आठ खाताधारकों से 12 लाख की ठगी

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काशीपुर। सितारगंज स्थित एक बैंक शाखा में तत्कालीन शाखा प्रबंधक और एक कथित रिकवरी एजेंट पर एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) खातों के सेटलमेंट के नाम पर करीब 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगा है। बुधवार को आठ से अधिक खाताधारक बैंक पहुंचे और अपने साथ हुई कथित ठगी की शिकायत दर्ज कराई। नए शाखा प्रबंधक द्वारा खातों में किसी प्रकार की सेटलमेंट राशि जमा न होने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ितों में आक्रोश फैल गया। बाद में सभी खाताधारक कोतवाली पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। ग्राम झुका फार्म निवासी गब्बर अहमद ने बताया कि उनके ‘गब्बर इंटरप्राइजेज’ नामक खाते को एनपीए घोषित किए जाने के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक और बैंक में बैठने वाले एक रिकवरी एजेंट ने सेटलमेंट कराने का भरोसा दिया। आरोप है कि दोनों ने उनसे 2.15 लाख रुपये लिए और पावती रसीद भी दी। उन्हें आश्वासन दिया गया कि एक सप्ताह के भीतर नोड्यूज प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा। लंबे समय तक कोई कार्रवाई न होने पर जब वह बैंक पहुंचे तो पता चला कि शाखा प्रबंधक का तबादला हो चुका है और खाते में कोई सेटलमेंट राशि जमा ही नहीं हुई। इसी प्रकार अमरिया (पीलीभीत) निवासी भागीरथ प्रसाद ने 1.05 लाख रुपये, प्रेम प्रकाश ने 2 लाख रुपये, मो. मुस्तकीम ने 1.25 लाख रुपये तथा नानकमत्ता क्षेत्र के पूरन सिंह ने किसान क्रेडिट कार्ड खाते के निस्तारण के लिए 1.65 लाख रुपये जमा कराने का दावा किया। सभी का आरोप है कि रकम लेने के बावजूद उनके खाते आज भी बकायेदार की श्रेणी में दर्ज हैं। वार्ड नंबर 11 बिजली कॉलोनी निवासी जितेंद्र जोशी ने बताया कि उन्होंने बैंक की नीलामी में वाहन खरीदने के लिए 1.40 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन बैंक रिकॉर्ड में यह राशि दर्ज नहीं मिली। वहीं वार्ड नंबर 9 निवासी सचिन रस्तोगी ने आरोप लगाया कि शादी समारोह के लिए नए नोट उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे 30 हजार रुपये लिए गए, लेकिन न तो नए नोट मिले और न ही रकम वापस की गई। गुरदीप सिंह ने भी लोन सेटलमेंट के लिए 60 हजार रुपये देने का आरोप लगाया है। पीड़ितों का कहना है कि बैंक परिसर में बैठकर कार्य करने वाले रिकवरी एजेंट को बैंक कर्मचारी की तरह प्रस्तुत किया जाता था। ऐसे में यदि वह अधिकृत कर्मचारी नहीं था, तो उसे बैंक परिसर में बैठकर ग्राहकों के साथ वित्तीय लेनदेन करने की अनुमति किस आधार पर दी गई। खाताधारकों ने आरोप लगाया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक और रिकवरी एजेंट ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत लोगों से रकम वसूलकर गबन किया है। पीड़ितों ने यह भी दावा किया कि अन्य कई लोगों से भी लोन निस्तारण, निवेश योजनाओं और विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं के नाम पर धनराशि लेकर धोखाधड़ी की गई है। मामले की शिकायत मिलने पर कोतवाल सुंदरम शर्मा ने कहा कि प्रकरण की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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