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देखिये: पीपीई किट में ये डाक्टर तो नहीं है, फिर कौन है हिम्मतवाला जो चला गया कोरोना वार्ड में मरीजों के हालचाल जानने

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जयन्त प्रतिनिधि।
बागेश्वर।
जनता का मुख्यमंत्री जनता के बीच की कई मिसालें देखने को मिली, लेकिन यह मिसाल पहली बार देखने को मिली, जब उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत पीपीई किट पहनकर कोरोना संक्रमित अपनी जनता के बीच कोरोना वार्ड में जा पहुंचे। कोरोना मरीजों द्वारा कोरोना वार्ड में पहुंचे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह को देखकर कहा गया कि इस घातक संक्रमित बीमारी के बावजूद अगर उनका मुख्यमंत्री उनको मिलने के लिए हास्पिटल के कोरोना वार्ड में पहुंचकर हौसला अफजाई करते है तो निश्चित रूप से वे कोरोना से जंग जीतेगें।

एक दिवसीय भ्रमण पर जनपद बागेश्वर पहुंचे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोरोना संक्रमण के नियंत्रण एवं उपचार के लिए कोविड चिकित्सालय एवं कोविड केयर सेंटर में की गयी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय महाविद्यालय में बनाये गये 100 बेड के कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके पश्चात ट्रामा सेंटर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने भर्ती मरीजों से दूरभाष कर वार्ता कर उनसे स्वास्थ के संबंध में जानकारी ली। जिला चिकित्सालय में बच्चों हेतु बनाये गये वार्ड का भी निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पीपीई किट पहनकर चिकित्सालय में भर्ती कोविड मरीजों से मिलकर उनके स्वास्थ के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि सभी को संकट की इस घड़ी में बेहतर से बेहतर स्वास्थ सुविधा उपलब्ध हो। जिसके लिए प्रदेश के सभी चिकित्सालय में आईसीयू एवं वेंटीलेटर के साथ-साथ ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट भी बढायें गये है। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर संचालित पीएचसी एवं सीएचसी सेंटरों में भी सभी आवश्यक व्यवस्थायें उपलब्ध कराये जाने हेतु कार्य किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी डॉक्टरों एवं अन्य स्टॉफ द्वारा पूर्ण मनोयोग से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए सभी लोंगो को मिलजुल कर कार्य करने की जरूरत है। चिकित्सालय में भर्ती मरीजो की किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाय। इसमें विशेष कर सभी चिकित्सालयों में ऑक्सीजन व दवा आदि की व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे। मुख्यमंत्री ने साफ-सफाई का विशेष ध्यान देने के निर्देश दियें।
निरीक्षण के उपरान्त मुख्यमंत्री ने विकास भवन सभागार में जनपद में कोविड संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए किये जा रहे कार्यों की संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की। उन्होंने कोविड संक्रमण की रोकथाम में लगे अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए ग्राम स्तर पर गठित निगरानी समिति को और अधिक बेहतर ढंग से कार्य करने की जरूरत है। किसी भी व्यक्ति में किसी प्रकार के लक्षण आने पर उसे तत्काल स्वास्थ परीक्षण के लिए प्रेरित एवं जागरूक कर अधिक से अधिक लोंगो की सैंपलिंग कराई जाय। लोंगो के मन से भय की भावना को हटाने के लिए उन्हें स्वास्थ परीक्षण कराने हेतु लगातार प्रेरित किया जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि यदि किसी व्यक्ति में किसी प्रकार के लक्षण पाये जाते है तो उसे आवश्यक दवा किट उपलब्ध करायी जाय, इसके साथ ही आईवरमेक्टिन दवा को भी प्राथमिकता के साथ सभी लोगों को उपलब्ध कराया जाय। उन्होंने कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी लोगों का वैक्सीनेशन किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण पर सभी के सहयोग से काबू पाया जा सकता हैं, जिसके लिए सभी जनप्रतिनिधियो एवं अधिकारी व कार्मिकों को आपसी समन्वय से मिलजुल कर कार्य करने की आवश्यकता है। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कोविड संक्रमण के साथ-साथ आगामी मानसून के दृष्टिगत सभी संबंधित विभागों को अपनी-अपनी पूर्ण तैयारी करने के निर्देश दिये। साथ ही सड़क मार्ग से जुडे़ विभागों, खाद्यान्न, विद्युत, जल संस्थान, पेयजल, सिंचाई आदि विभागों को समय रहते सभी अवश्यक व्यवस्थायें तत्काल करने को कहा।

समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी विनीत कुमार ने अवगत कराया कि कोरोना संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए जनपद में सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करायी गयी है। जनपद में बढ़ते संक्रमण के दृष्टिगत कोविड चिकित्सालय में 26 बेड के स्थान पर 44 और ऑक्सीजन बेड तैयार किये गये है, इसी के साथ कोविड केयर सेंटर में 100 ऑक्सीजन बेडो की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा बैजनाथ पर्यटन आवास गृह में 20 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की गयी है। जनपद में तीन सौ से अधिक जंबो सिंलिडरों, 135 बी-टाईप सिंलिडर तथा 194 ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर उपलब्ध है। जनपद में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट भी स्वीकृत हो गया है, जिस पर कार्य जल्द ही शुरू किया जायेगा। इसके साथ ही दूरस्थ क्षेत्र कपकोट में भी सीएचसी में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाने की कार्यवाही की जा रही है। कौसानी में 85 बेड का कोविड केयर सेंटर संचालित किया जा रहा हैं तथा कपकोट एवं कांडा में भी कोविड केयर सेंटर तैयार किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि जनपद में आने वाले व्यक्ति की निगरानी ग्राम निगरानी समिति के अलावा सीआरटी एवं बीआरटी टीमों द्वारा भी की जा रही है। मेडिकल किट भी उपलब्ध कराये जा रहे है। सभी आशा एवं आंगनबाडी कार्यकर्ती को चार-चार ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर तथा पीपीई किट के साथ मॉस्क एवं सेनेटाईजर भी उपलब्ध कराये गये हैं। इसके साथ ही जनपद में वैक्सीनेशन का कार्य सफलता पूर्वक किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि आगामी मानसून के दृष्टिगत सभी अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक कर ली गयी है तथा सभी को की जाने वाली तैयारियो एवं व्यवस्थाओ के संबंध में भी दिशा निर्देश दिये गये है।

इस अवसर पर सांसद अल्मोड़ा अजय टम्टा, पेयजल मंत्री/कोविड प्रभारी बिशन सिंह चुफाल, अध्यक्ष जिला पंचायत बंसती देवी, विधायक बागेश्वर चंदन राम दास, कपकोट बलवंत सिंह भौर्याल, जिलाध्यक्ष भाजपा शिव सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष जिला पंचायत नवीन परिहार, शेर सिंह गढिया, ब्लॉक प्रमुख कपकोट गोविंद सिंह दानू, गरूड हेमा बिष्ट, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी डीडी पंत, अपर जिलाधिकारी चंद्र सिंह इमलाल, जिला विकास अधिकारी केएन तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीडी जोशी, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, उपजिलाधिकारी बागेश्वर योगेन्द्र सिंह, कांडा राकेश चन्द्र तिवारी, गरूड़ जयवद्र्धन शर्मा, कपकोट प्रमोद कुमार, महाप्रबंधक उद्योग जीपी दुर्गापाल, मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्या, जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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