उत्तरकाशी। हर्षिल घाटी के छोलमी गांव सहित राता बुग्याल, पंचमुखी महादेव मंदिर को जोड़ने वाले करीब दो किमी पैदल ट्रैक का वर्षों से सुधारीकरण नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने कहा कि गत वर्ष उन्होंने स्वयं ही श्रमदान कर ट्रैक का मरम्मतीकरण किया था लेकिन प्रशासन की ओर से इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे पर्यटन पर बुरा असर पड़ रहा है। छोलमी गांव के होमस्टे और राता बुग्याल जाने वाले पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी मनोज नेगी, नागेंद्र, रमेश, कुशाल, रणवीर नेगी ने बताया कि गांव को गंगोत्री हाईवे से जोड़ने के लिए दशकों पहले दो किमी का पैदल ट्रैक का निर्माण किया गया था। अब यह बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है। कई बार प्रशासन से मांग करने के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो गत वर्ष ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान किया।मनोज नेगी ने बताया कि बदहाल मार्ग के कारण पर्यटन पर बुरा असर पड़ रहा है। गांव में वर्तमान में नौ से अधिक होमस्टे का संचालन किया जा रहा है। साथ ही राता बुग्याल और हॉर्न ऑफ हर्षिल चोटी तक पहुंचने के लिए ट्रैकर्स इसी मार्ग का प्रयोग करते हैं। मार्ग बदहाल होने के कारण कई बार पर्यटक हर्षिल पहुंचने के बाद अपनी बुकिंग कैंसिल कर देता है। इससे पर्यटन पर भी बुरा असर पड़ रहा है। साथ ही बरसात के दौरान सेब और नकदी फसलों को सड़क तक पहुंचाने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण सड़क की मांग कर रहे थे लेकिन सड़क तो दूर उनके पैदल मार्ग की भी कोई सुध नहीं ले रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी से इसका संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है।