उत्तराखंड

बागेश्वर-टनकपुर रेल मार्ग को लेकर समिति मुखर

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बागेश्वर। बागेश्वर-टनकपुर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति ने तहसील में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रेल लाइन का निर्माण अधर में लटका हुआ है। अंग्रेजी हुकुमत से लेकर अभी तक सर्वे के अलावा और कुछ नहीं हो सका है। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल बजट मंजूर करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि रेल आने से ही जिले का विकास होगा। पर्यटन से लेकर अन्य गतिविधियां बढ़ेगी। क्षेत्र का विकास होगा। रविवार को रेल लाइन संघर्ष समिति के अध्यक्ष नीमा दफौटी के नेतृत्व में लोग तहसील परिसर में एकत्र हुए। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अंग्रेजी हुकुमत से लेकर आज तक मार्ग की सात बार सर्वे हो चुका है। 1882 में सबसे पहले इस मार्ग की सर्वे हुआ। इसके बाद 1912, 1980, 2006, 08, 09 तथा 2012 में सर्वे हो चुका है। इसके अलावा इस मांग को केंद्र सरकार ने पहले ही राष्ट्रीय प्रोजक्ट में भी शामिल कर दिया है। अब बजट स्वीत कर मार्ग निर्माण शुरू करना चाहिए। रेल आने से ही जिले का विकास होगा। पर्यटन से लेकर अन्य गतिविधियां बढ़ेगी। क्षेत्र का विकास होगा। यहां प्रताप सिंह गड़िया, चंद्रा उपाध्याय, हयात सिंह मेहता, कैलाश जोशी, रमेश पर्वतीय, सरस्वती देवी, बंशीधर जोशी, विक्रम देवड़ी, हेमलता, संजना, पूनम जोशी आदि रहे।

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