जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार में आयोजित सात दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप का समापन हो गया। इस दौरान बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि समर कैंप का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में भाषाई कौशल का विकास करना, भारतीय भाषाओं और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संवाद क्षमता को मजबूत बनाना तथा रचनात्मकता और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करना था। साथ ही नई पीढ़ी को स्थानीय ज्ञान, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी प्रयास किया गया। सात दिनों तक चले इस कैंप में बच्चों को नई शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। सामाजिक मूल्यों, सामुदायिक सहभागिता और व्यवहारिक शिक्षा पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों ने विभिन्न रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कैंप के दौरान विद्यार्थियों को गुजराती और पंजाबी भाषा की मूलभूत जानकारी देने के साथ-साथ गुरमुखी, ब्रेल और देवनागरी लिपियों से भी परिचित कराया गया। इसके अलावा स्टोन पेंटिंग, पैटर्न मेकिंग, कठपुतली कला और नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियों के माध्यम से उनकी सृजनात्मक प्रतिभा को निखारने का प्रयास किया गया। समापन समारोह में डॉ. पद्मेश बुडाकोटी, मनमोहन चौहान, सुरभि सचदेवा, अंजना, संतोषी देवी, आराधना कुकरेती, पूजा बिष्ट, पूरण चंद्र धूलिया, संतोष नेगी सहित अनेक शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।