जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र में सरकारी योजना के तहत संचालित हो रहे होम स्टे के संचालकों ने पेयजल निगम पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। संचालकों का कहना है कि पर्यटन सीजन के दौरान उन्हें नोटिस भेजकर अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका तो वे निगम के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे।
बुधवार को होम स्टे समिति के बैनर तले जयहरीखाल में आयोजित बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई। समिति के अध्यक्ष विक्की रावत ने कहा कि सरकार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से होम स्टे योजना को बढ़ावा दे रही है। क्षेत्र के अनेक युवाओं ने बड़े शहरों की नौकरियां छोड़कर गांवों में होम स्टे व्यवसाय शुरू किया है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेयजल निगम स्वरोजगार को बढ़ावा देने के बजाय होम स्टे संचालकों को नोटिस भेजकर परेशान कर रहा है। हाल ही में कई संचालकों को पेयजल कनेक्शन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि अधिकांश कनेक्शन स्वयं विभाग द्वारा ही स्वीकृत और स्थापित किए गए हैं। ऐसे में बार-बार जानकारी मांगे जाने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बैठक में क्षेत्र के एक होम स्टे को अब तक पेयजल कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराए जाने पर भी रोष व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना विभागों की जिम्मेदारी है। बैठक में सूर्य बड़थ्वाल, मधुकांत नेगी, आकाश सुंद्रियाल, पंकज कुमार सहित कई होम स्टे संचालक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।