जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : महावीर चक्र विजेता राइफलमैन जसवंत सिंह रावत की जयंती पर कांग्रेस कमेटी की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। अपर कालाबड़ स्थित पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने जसवंत सिंह रावत के साहस, शौर्य और युद्ध कौशल को देश के सैन्य इतिहास की गौरवशाली विरासत बताया।

कार्यक्रम की शुरुआत राइफलमैन जसवंत सिंह रावत के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस दौरान वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध में वीरगति को प्राप्त राइफलमैन गोपाल सिंह गुसाईं और लांस नायक त्रिलोक सिंह नेगी को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि पौड़ी गढ़वाल के बाड्यू गांव में जन्मे जसवंत सिंह रावत ने वर्ष 1962 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया था। अरुणाचल प्रदेश के नूरानांग क्षेत्र में चीनी सेना के लगातार हमलों के बीच उन्होंने अपने साथियों गोपाल सिंह गुसाईं और त्रिलोक सिंह नेगी के साथ मोर्चा संभाला। तीनों जवानों ने दुश्मन की महत्वपूर्ण मशीनगन चौकी पर कार्रवाई कर उसे निष्क्रिय किया और चीनी सेना के हमले को प्रभावी ढंग से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती ने देश की रक्षा के लिए अनेक वीर सपूत दिए हैं। जसवंत सिंह रावत समेत प्रदेश के वीर जवानों का शौर्य और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उत्तराखंडवासियों के लिए यह गौरव की बात है कि देवभूमि की वीर परंपरा देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के पराक्रम से लगातार समृद्ध हुई है। इस अवसर पर सैनिक प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष बृजपाल सिंह नेगी, शंकेश्वर प्रसाद सेमवाल, धीरेंद्र सिंह बिष्ट, दान सिंह रावत, चंद्रमोहन सिंह रावत, गणेश नेगी, शूरवीर खेतवाल, नंदन सिंह रावत, प्रकाश लखेड़ा, अनिल वर्मा, हरेंद्र सिंह, रूपेंद्र सिंह और राजेंद्र सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।