जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : देवभूमि ठेकेदार कल्याण समिति के एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्य सचिव आनंदवर्धन से मुलाकात की। जिसमें विभिन्न विभागों में पंजीकृत ठेकेदारों ने उनके हितों की रक्षा करने, टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता अपनाए जाने सहित विभिन्न बिंदुओं पर ज्ञापन सौंपते हुए वार्ता की।
प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह पुंडीर व प्रदेश संगठन मंत्री देवेंद्र पाल सिंह नेगी के नेतृत्व में ठेकेदारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून जाकर मुख्य सचिव आनंद वर्धन को समस्याओं से अवगत करवाया। कहा कि वर्तमान में ठेकेदारों के साथ अन्याय हो रहा है। विभागों में पंजीकृत ठेकेदारों से निविदा प्रक्रिया से वंचित होना पड़ रहा है और पात्र ठेकेदारों को कोई काम नहीं मिल पा रहा है। ठेकेदारों ने मांग करते हुए कहा कि सिंगल बिड की निविदाओं की क्षमता डेढ़ करोड़ से बढ़ा कर तीन करोड़ की जाए, जिससे डी और सी क्लास के क्षमता बढ़ाने का लाभ मिल सके। एक प्रदेश-एक नियम के तहत लोक निर्माण विभाग की भांति सभी विभागों के पांच वर्ष के लिए पंजीकरण होना चाहिए। सिंचाई विभाग की भांति एक कार्य को चार भागों में स्वीकृत कर सिंगल बिड टेंडर लगाए जाए, जिससे स्थानीय ठेकेदारों को लाभ मिल सके। खनिज विभाग की रायल्टी अनुमति पत्र की फीस दस हजार से घटाकर पांच रूपए की जाए। स्वीकृत कार्यों की निविदाओं को ब्रेक करने की क्षमता अधिशासी अभियंता के स्तर पर हो, जिससे अधिक से अधिक निविदा आमंत्रित हो सके। प्रथम चरण के कार्य में पहाड़ कटान का काम पांच-पांच सौ मीटर व कच्चे मार्ग को पक्का करने के लिए 1-1 किलोमीटर पृथक करके लगाए जाए। साथ ही अनुभवों की बाध्यता और बैंक गारंटी समाप्त की जाए। इस मौके पर रतनमणि भट्ट, राजेंद्र सिंह कुंवर, आशीष रावत, किशोर कुमार, नंद किशोर डबराल शामिल रहे।