कोविड 19 : निजी लैबों की सैंपलिंग व्यवस्था पर हुए सवाल खड़े , डीएम ने दिए निर्देश

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देहरादून। दून में कोरोना के रफ्तार पकड़ने के साथ निजी लैबों की सैंपलिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सबसे गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि निजी लैब के सैंपलों के ही पॉजिटिव होने की दर क्यों अधिक है। सैंपलों के पॉजिटिव आने को लेकर एक लैब प्रशासन की निगरानी में भी है। जिलाधिकारी ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि सर्वाधिक गड़बड़ी एक ही निजी लैब की सैंपलिंग में आ रही है। एक दफा यहां से लिए गए 480 सैंपल में से 400 की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। अधिकारियों का मानना है कि सिर्फ निजी लैब के सैंपल में पॉजिटिव होने की दर अत्यधिक ऊपर चढ़ना समझ से परे है। माना जा रहा है कि निजी लैब के कर्मचारी सैंपलिंग लेते समय जरूरी एहतियात भी नहीं बरत रहे। यह बात भी सामने आई है कि जो कर्मचारी सैंपल ले रहे हैं, वह ग्लव्स को न तो बार-बार सैनिटाइज कर रहे हैं और न ही निश्चित अंतराल पर उन्हें बदल रहे हैं। निजी लैब के कर्मचारियों के सैंपल लेने के ढंग पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने मुख्य विकास अधिकारी नितिका खंडेलवाल को निर्देश दिए हैं कि वह निजी लैब पर विशेष नजर रखें। ताकि लापरवाही बरतने या मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
पॉजिटिव के बाद रिपोर्ट निगेटिव आए तो जानकारी दें
जिलाधिकारी ने जनता से अपील की है कि यदि उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और किसी अन्य लैब में जांच कराने पर रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो उसकी जानकारी अवश्य साझा करें। उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति इस तरह की दोनों रिपोर्ट मुख्य चिकित्साधिकारी को भेज सकते हैं, जिससे उसका परीक्षण कराकर लापरवाही बरतने वाली लैब पर कार्रवाई की जा सके। बताया जा रहा है कि बीते दिनों भी कुछ व्यक्तियों ने इस तरह की पॉजिटिव व निगेटिव रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ साझा की थी।
डीएम ने दिए निर्देश
जिला सर्विलांस अधिकारी रोजाना निजी अस्पतालों की कोरोना की प्राइमरी कॉन्टेक्ट की जांच करेंगे।
सार्वजनिक स्थलों पर बिना मास्क के घूम रहे व्यक्तियों पर हो सख्त कार्रवाई।
सैंपलिंग संबंधी सभी डाटा को रियल टाइम पर अपडेट किया जाए।
होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों का डाटा अपडेट किया जाता रहे।
अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में बने कोविड केयर सेंटर पर रखी जाए विशेष नजर।
चिकित्साधिकारी खोलें मोबाइल क्लीनिक, बढ़ाएं सैंपलिंग
जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने सभी प्रमुख अधिकारियों व चिकित्साधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। शनिवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी चिकित्साधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में मोबाइल क्लीनिक तैयार कर सैंपलिंग की दर बढ़ाएं। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी व जिला सर्विलांस अधिकारी को निर्देश दिए कि वह सैंपलिंग के लक्ष्य तैयार करें और उन्हें पूरा कराने का प्रयास करें। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को ऋषिकेश अस्पताल का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था परखने को कहा। साथ ही, प्रेमनगर व रायपुर के चिकित्साधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने को कहा गया। दूसरी तरफ सभी एसडीएम को भी सैंपलिंग के लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए गए।

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