दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण में तेजी लाएं अधिकारी: डीएम

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देहरादून, दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त सरकारी परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनर्निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने ब्लॉक, तहसील और विभिन्न विभागों से प्राप्त आपदा से संबंधित पुनर्निर्माण प्रस्तावों की समीक्षा की।
एसडीआरएफ मानकों के अनुरूप प्रस्तावों पर तुरंत जारी हो बजट
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा में क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के प्रस्तावों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाए। उन्होंने कहा कि जो आगणन स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (एसडीआरएफ) के निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाते हैं, उनके लिए तत्काल धनराशि जारी कर पुनर्निर्माण कार्य शुरू कराए जाएं। डीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि पुनर्निर्माण कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुसार समयबद्ध तरीके से किया जाए।
गलत आकलनों पर अधिकारियों को फटकार
बैठक के दौरान कुछ विभागों की ओर से प्रस्तुत प्रस्तावों में कमियां पाए जाने और कुछ आगणन एसडीआरएफ के मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।
उन्होंने संबंधित खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर आगणनों की दोबारा जांच कराएं और आवश्यक संशोधन के बाद सही प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत करें, ताकि पात्र प्रस्तावों पर बजट जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत दी कि संबंधित विभागीय अधिकारी प्रस्तुत किए जा रहे आंकड़ों और आगणनों की पूरी तरह जांच सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही प्रस्ताव के साथ यह प्रमाणपत्र भी संलग्न किया जाए कि प्रस्तुत किए गए सभी आंकड़े निर्धारित मानकों के अनुरूप और सत्यापित हैं।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
डीएम ने कहा कि आपदा से प्रभावित परिसंपत्तियों का पुनर्निर्माण केवल जल्दबाजी में पूरा करने के बजाय गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, एसडीएम रविंद्र ज्वांठा समेत लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, लघु सिंचाई, पेयजल, विद्युत विभाग और अन्य कार्यदायी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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