लॉ कॉलेज देहरादून की युवा संसद में राजनीतिक अपराधीकरण पर बहस

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देहरादून। लॉ कॉलेज देहरादून की सातवीं मॉडल युनाइटेड नेशन कॉंफ्रेंस व यूथ पार्लियामेंट में दूसरे दिन शनिवार को युवा संसद में गठित लोक सभा में संविधान के 130वें संशोधन का मुद्दा छाया रहा। कार्यक्रम में महाराष्ट्र व गोवा के पूर्व गवर्नर व पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने बतौर मुख्यअतिथि युवा सांसदों को संबोधित किया। सरकार के मंत्रियों का किरदार निभा रहे युवा सांसदों का कहना था कि इस संशोधन का उद्देश्य है कि राजनीति में अपराधीकरण पर लगाम लगे और जन विश्वास बहाल हो ताकि कोई भी नेता जेल से सरकार न चला सके। उन्होंने तर्क दिया कि आपराधिक पृष्ठभूमि के राजनेताओं पर अंकुश लगाना उनकी प्राथमिकता है। जबकि विपक्ष ने इसका पूरजोर विरोध किया। उनका कहना था कि यह सरकार की सोची समझी चाल है। सरकार संविधान में संशोधन कर विपक्ष के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को पद से हटाने की साजिश रच रही है। इसके अलावा अखिल भारतीय राजनीतिक दलों की बैठक में विकसित भारत 20247 व स्किल इंडिया 2.0 जबकि संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा में खाड़ी युद्ध के बादल छाए रहे। विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेन्द्र जोशी ने कहा कि छात्र जीवन में यदि बच्चे एक स्वस्थ राजनीति की ट्रेनिंग लेते हैं तो यह न केवल उनके स्वयं के विकास में सहायक होगा बल्कि देश की राजनीति में एक नई दिशा स्थापित होगी। उन्होंने युवा सांसदों के उत्साह की भूरी भूरी प्रशंसा की। मुख्यअतिथि ने अपने सम्बोधन में कहा कि युवा सांसदों के बीच मुझे सुखद प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि 130वां संविधान संशोधन केन्द्र सरकार की दूरगामी सोच को दर्शाता है। निर्णायक मंडल ने एन मेरी स्कूल को सर्वश्रेष्ठ डेलीगेट के अवार्ड से नवाजा। जबकि शैपियंस स्कूल, हरबर्टपुर को द्वितीय श्रेष्ठ डेलीगेट घोषित किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष अंकिता जोशी, कुलपति प्रो धर्मबुद्धि, उपकुलपति प्रो राजेश बहुगुणा, डॉ भावना अरोड़ा, प्रो शरद पांडेय समेत अन्य छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

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