उत्तराखंड

प्री-मेच्योर रिटायरमेंट वाले जवानों को भी ओआरओपी का लाभ देने की मांग

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अल्मोड़ा। एक जुलाई 2014 से बाद सेवानिवृत्त सैन्य जवानों को वन रेंक वन पेंशन का लाभ नहीं दिए जाने से भूतपूर्व सैनिकों में आक्रोश हैं। केंद्र सरकार पर जवानों के साथ अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि जंतर-मंतर दिल्ली में चल रहे अनिश्चितकालीन धरन-प्रदर्शन का समर्थन किया। पूर्व सैनिक लीग ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज जवानों को न्याय दिलाने का आग्रह किया। पूर्व सैनिक लीग रानीखेत और पूर्व सैनिक संगठन फल्दाकोट ने संयुक्त रूप से संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि देश की आजादी के बाद जवानों के साथ लगातार भेदभाव और अन्याय होता रहा है। केंद्र सरकार द्वारा लागू वन रेंक वन पेंशन में कलर सर्विस करके आए जवानों तथा एक जुलाई 2014 से पहले प्री-मेच्योर रिटायरमेंट आए सैनिकों को ही ओआरओपी का लाभ दिया जाएगा, जबकि इसके बाद प्री-मेच्योर रिटायरमेंट आए जवानों को वन रेंक पेंशन का लाभ देने का प्रावधान नहीं किया गया है, जोकि उनके साथ अन्याय है। इस मौके पर पूर्व सैनिक लीग रानीखेत के अध्यक्ष कैप्टन महेंद्र सिंह रावत, सचिव कैप्टन अर्जुन सिंह, सूमे सुरेंद्र साह, नंदन सिंह रावत, हवलदार पूरन सिंह बिष्ट, नायक ललित मोहन पंत, नासू हीरा सिंह चंदन सिंह, महेश चंद्र जोशी, सोबन सिंह खाती, गोविंद सिंह, आरडी उपाध्याय, प्रताप सिंह, बीएस धपोला, गोविंद सिंह सहित भूतपूर्व सैनिक संगठन फल्दाकोट के हवलदार पनीराम, राजेंद्र सिंह, रमेश सिंह, ध्यान सिंह, नंदन सिंह, दीवान सिंह, बाग सिंह, महेंद्र सिंह टनवाल, देव सिंह बेलवाल, सुंदर सिंह, जोगा आर्या, प्रकाश बिष्ट आदि मौजूद रहे।

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