नई टिहरी। अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ जिला कार्यकारिणी बैठक में अशासकीय विद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू करने, रिक्त पदों को पुनर्जीवित करने, प्रोन्नत वेतनमान और पुरानी पेंशन का लाभ देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। शिक्षकों ने राजकीय विद्यालयों की तर्ज पर अशासकीय विद्यालयों में भी समान सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन के जिला अध्यक्ष शिव सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा की गई। प्रांतीय संरक्षक चिंतामणि सेमवाल, राजेंद्र प्रसाद कुकरेती ने संगठन को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन की एकजुटता जरूरी है। प्रांतीय महामंत्री महादेव मैठाणी ने कहा कि संगठन के प्रयासों से अशासकीय विद्यालयों के शिक्षक-कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में जूनियर हाईस्कूल एवं एलटी संवर्ग में टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, डाउनग्रेड प्रधानाचार्यों को ढाई वर्ष बाद पूर्ण वेतनमान देने की मांग की गई। बैठक में प्रांतीय मंत्री सुनील पैन्यूली, राजेश डंगवाल, श्रीनिवास उनियाल, सुरेश ममगाईं, मधुमती बिंजोला, पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद बिजल्वाण, धनंजय रावत, अनुराखी, राजेश बहुगुणा, बिरेंद्र कुड़ियाल, ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. विवेकानंद शर्मा, चंद्रभानु सेमवाल आदि मौजूद रहे।