डीएम ने दिए प्रभारी चिकित्साधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुगड्डा में लैब टेक्नीशियन व डायग्नोस्टिक सुविधाओं के अभाव को लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। कहा कि अस्पताल में बेहतर सुविधाओं के लिए गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने भवन की जर्जर स्थिति सहित अन्य अव्यवस्थाओं पर भी नाराजगी व्यक्त की।
गुरुवार को जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने दुगड्डा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने केंद्र के भवन की जर्जर स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि भवन उपयोग के योग्य नहीं है तो उसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रचार-प्रसार सामग्री के लंबे समय से भंडारण पर नाराजगी जताते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्रों में शीघ्र वितरित करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं की जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुंच सके। निरीक्षण के दौरान फ्री डायग्नोस्टिक सेवा के प्रतिनिधि ओपीडी समय पर भी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने उनके बिल भुगतान और रोक लगाने के निर्देश सीएमओ को दिए। जिलाधिकारी ने ओपीडी, दवा वितरण व्यवस्था, बायोमेट्रिक उपस्थिति, दवा भंडारण व उपलब्धता का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं को पारदर्शी व सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षेत्र में ब्लड प्रेशर व हाइपरटेंशन के बढ़ते मामलों की जानकारी ली और इनके प्रभावी उपचार व निगरानी के निर्देश दिए। आशा कार्यकर्ताओं व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी। साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को पिछले चार माह में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा कराए गए प्रसवों का सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अस्पताल में उपलब्ध उपकरणों, शल्य कक्ष, लैब, पेयजल व शौचालय व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उपकरणों की जानकारी लेने पर स्टाक रजिस्टर नहीं पाया गया, जिस पर प्रभारी चिकित्साधिकारी की अनभिज्ञता पर नाराजगी जताते हुए सभी उपकरणों का अद्यतन रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए।

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