नई दिल्ली, कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने बुधवार को संसद परिसर में कुत्ते को लाने के अपने फैसले का बचाव किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है. साथ ही, दावा किया कि हिंदू धर्म में कुत्ते का बहुत ऊंचा और सम्मानजनक स्थान है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी अपनी परंपराओं को समझे बिना केवल हिंदू होने का दावा करती है.
रेणुका चौधरी, सोमवार को अपने साथ कार में पिल्ले (कुत्ते के बच्चे) के साथ संसद पहुंचकर, और फिर उसे घर वापस भेजकर एक बहस छेड़ दी थी. उन्हें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का अप्रत्यक्ष समर्थन भी मिला. हालांकि, भाजपा ने रेणुका चौधरी की आलोचना थी. कहा था कि इस तरह का आचरण संसद की गरिमा को कम करता है.
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए, रेणुका चौधरी ने पत्रकारों से कहा कि संसद में अपरंपरागत प्रवेश का एक उदाहरण पहले भी मौजूद है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बैलगाड़ी लेकर संसद आने को याद करते हुए, चौधरी ने कहा, मैं हर उस कुत्ते और जानवर को बचाऊंगी जिसे देखभाल की जरूरत है.
उन्होंने आगे कहा, हिंदू धर्म में कुत्ते को बहुत सम्मान दिया जाता है. ये लोग (सत्ताधारी पार्टी) हिंदू होने का दावा करते रहते हैं. जब युधिष्ठिर स्वर्ग गए थे, तो केवल एक कुत्ता ही उनके साथ गया था क्योंकि वह वफादार था. खैर, वे वफादारी के बारे में क्या जानते हैं?
बता दें कि मंगलवार को, जब राहुल गांधी से संसद के बाहर इस मामले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा था, ये वे चीजें हैं जिन पर भारत आजकल चर्चा कर रहा है… मेरा मानना है कि आज कुत्ता मुख्य विषय है. जब उन्हें बताया गया कि संसद परिसर में पालतू जानवरों को लाना मना है, तो गांधी ने जवाब दिया, पालतू जानवर अंदर (संसद भवन की ओर इशारा करते हुए) हैं.