जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद स्थित करुणाधाम आश्रम से एक भावुक कर देने वाला पल सामने आया है। करीब 11 वर्ष पहले घर से बिछड़ी नेपाल सीमा क्षेत्र के चिमटाव गांव निवासी फातिमा आखिरकार अपने परिजनों से मिल गई। इस पुनर्मिलन में सामाजिक कार्यकर्ता इंदू नौटियाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
करुणाधाम आश्रम की सुपीरियर सिस्टर जसल ने बताया कि फातिमा मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण करीब 11 वर्ष पहले अपने घर से निकल गई थी। वर्ष 2020 में नजीबाबाद थाना पुलिस ने उसे बेसहारा और विक्षिप्त अवस्था में मिलने पर करुणाधाम आश्रम में भर्ती कराया था। आश्रम में फातिमा के रहने, भोजन और उपचार की समुचित व्यवस्था की गई। लंबे उपचार और देखभाल के बाद उसकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ। स्वस्थ होने पर उसने अपना नाम और अपने गांव की जानकारी दी। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता इंदू नौटियाल ने सक्रिय पहल करते हुए फातिमा के गांव और उसके परिजनों का पता लगाया तथा उनसे संपर्क स्थापित किया। सूचना मिलने पर फातिमा के परिजन करुणाधाम आश्रम पहुंचे, जहां वर्षों बाद अपनों से मिलकर फातिमा और उसके परिवार की आंखें नम हो गईं। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आश्रम प्रशासन ने फातिमा को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। विदाई के समय आश्रम के सभी सदस्य भावुक हो उठे और नम आंखों से फातिमा को उसके घर के लिए विदा किया। आश्रम प्रशासन ने इस सफल पुनर्मिलन का श्रेय सामाजिक कार्यकर्ता इंदू नौटियाल के प्रयासों और आश्रम में मिले निरंतर उपचार एवं देखभाल को दिया।