गांधी के अस्पृश्यता निवारण अभियान को फिर गति देने पर जोर

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : गढ़वाल सर्वोदय मंडल की ओर से गांधी जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने महात्मा गांधी के अस्पृश्यता निवारण अभियान को वर्तमान समय में फिर गति देने और समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया।


कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर सूती माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वयोवृद्ध सूर्यनारायण पांडे ने की। सभा को संबोधित करते हुए कण्वाश्रम ग्राम स्वराज्य समिति की अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त कर्नल बिमला रावत ने कहा कि महात्मा गांधी ने अस्पृश्यता को समाज का कलंक और घातक बीमारी माना था। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में समानता और सामाजिक समरसता के लिए अस्पृश्यता निवारण अभियान को गति देने की जरूरत है। इसके साथ ही लोगों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किया जाना चाहिए। मुख्य अतिथि एवं गढ़वाल सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र लाल आर्य ने कहा कि गांधी जी के अनुसार शिक्षा का उद्देश्य बालक के शरीर, मन और आत्मा का विकास करना है। गांधी जी मनुष्य जीवन के अंतिम उद्देश्य को मुक्ति मानते थे, जिसमें शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, राजनीतिक और आध्यात्मिक स्वतंत्रता का भाव शामिल है। उन्होंने कहा कि गांधी जी विश्व के प्रभावशाली व्यक्तित्वों में शामिल रहे हैं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी वक्ताओं ने उनके जीवन और योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि शास्त्री जी ने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर देश के जवानों और किसानों में नई ऊर्जा का संचार किया। इस अवसर पर नेत्र सिंह रावत, स्नेहदीप रावत, राकेश कुमार अग्रवाल, धीरेंद्र सिंह रावत, डॉ. शील सौरभ रावत, गोविंद सिंह रावत, स्योराज सिंह प्रजापति, अनीशा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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