गौरव ने बिजनौर में रक्तदान कर बचाई नवजात की जान

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक नवजात बच्चे को रक्त की आवश्यकता पड़ने पर गौरव डंडरियाल मूसलाधार बारिश में किरतपुर से 16 किलोमीटर का सफर तय कर रक्तदान रक्तदान करने के लिए बिजनौर पहुंचे। गौरव के इस पुनीत कार्य की सभी ने सराहना की है। गौरव का परिवार रक्तदान के लिए ही जाना जाता है। इनका परिवार जरूरत पड़ने पर हर समय रक्तदान के लिए तैयार रहता है।
समाजसेवी और सेवा भारती के जिला उपाध्यक्ष दलजीत सिंह ने बताया कि रविवार देर सांय सूचना मिली की बजनौर उत्तर प्रदेश के प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कोटद्वार निवासी सैनिक परिवार के नवजात शिशु को ए पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता है। जिसे फ्रेश रक्त की जरूरत है। ऐसे में कोटद्वार निवासी समाजसेवी गोविंद डंडरियाल से संपर्क किया गया। क्योंकि उनका बेटा गौरव डंडरियाल किरतपुर में प्राईवेट नौकरी करता है और समय-समय पर रक्तदान करता रहता है। गोविंद डंडरियाल ने अपने बेटे से संपर्क किया और रक्तदान की आवश्यकता के बारे में बताया। सूचना मिलते ही गौरव डंडरियाल तेज बारिश में 16 किलोमीटर का सफर तय करते हुए बिजनौर पहुंचे और रक्तदान का मानवता का धर्म निभाया। गौरव की मानवता की हर ओर प्रशंसा हो रही है। गौरव डंडरियाल ने बताया कि अपने पूजनीय पिता से प्रेरणा लेकर मैंने रक्तदान करना शुरू किया है। रक्तदान कर मनुष्य के शरीर मे नई ऊर्जा का संचार होता है तथा एक स्वस्थ्य व्यक्ति हर तीसरे महीने रक्तदान कर सकता है। अब तक 20 बार रक्तदान कर चुका हूं, लेकिन कभी कमजोरी महसूस नहीं हुई। इसीलिए रक्तदान के इस सिलसिले को जीवन भर आगे बढ़ाना चाहता हूं। बाकियों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने का काम करता हूं। रक्तदान ही एक ऐसी सेवा है जिसे करने के बाद अंर्तमन से खुशी महसूस होती है। मैं रक्तदान करने के बाद अपने आप को भाग्यशाली मानता हूं कि मैने मानवता की सेवा में अपना योगदान दिया है।

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