उत्तराखंड

स्कूलों में एसओपी पालन की स्थिति पर 17 अगस्त तक जवाब दे सरकार : हाईकोर्ट

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नैनीताल। हाइकोर्ट ने बुधवार को कक्षा 6 से 12 तक के स्कूल खोले जाने के सरकार के 31 जुलाई 2021 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता का कहना है कि स्कूल खुलने की एसओपी का शहरों में पालन नहीं हो रहा तो पहाड़ के दुर्गम स्कूलों में यह कैसे संभव है। इस पर कोर्ट ने सरकार से 17 अगस्त तक स्कूलों में एसओपी पालन की स्थिति को लेकर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हुई। देहरादून निवासी विजय सिंह पाल ने सरकार के 31 जुलाई 2021 के शासनादेश को चुनौती देते हुए इसमें कई तरह की खामियां बताई है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र के स्कूल इन मानकों को पूरा नही कर सकते हैं। शासनादेश में लिखा है कि स्कूल दो पालियों में खोले जाएंगे। पहली पाली में 9 से 12 तक कक्षाओं के बच्चे शामिल होंगे, जिनकी कक्षाएं चार घंटे चलेंगी। दूसरी पाली में 6 से 8 तक की कक्षाएं चलेंगी। मध्याह्न में कक्षाओं को पूर्ण रूप से सेनेटाइज किया जाएगा। शनिवार व रविवार को सभी स्कूल जिला प्रशासन, नगर पालिका व स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सेनेटाइज होंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रत्येक जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी की होगी।
याचिकाकर्ता का कहना है कि यह सब करना नामुकिन है, क्योंकि सरकारी स्कूलों में इतनी व्यवस्थाएं नहीं हैं। दुर्गम क्षेत्रो में इसका पालन कराना और भी मुश्किल है। जीओ में यह भी कहा है कि बिना अभिभावकों के सहमति के बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा और कक्षाएं ऑनलाइन और भौतिक रूप से चलेंगी। इसमें समस्याएं आएंगी, क्योंकि पिछले डेढ़ साल से बच्चों की स्कूल जाने की आदत छूट चुकी है।
जब शिक्षक पूरे दिन कक्षाओं में पढ़ाएंगे तो ऑनलाइन पढ़ाई किस समय होगी। ऐसे में जब शहरों में एसओपी का पालन नहीं हो पा रहा है तो बिना साधन के दुर्गम इलाके के स्कूलों में एसओपी पालन करना असंभव है। बुधवार को मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से 17 अगस्त तक जवाब मांगा है।

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