गेस्ट टीचरों के पद रिक्त नहीं दिखाए जाने से शिक्षकों में रोष

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ ने गेस्ट टीचरों के पद रिक्त नहीं दिखाए जाने से शिक्षक में आक्रोश व्याप्त है। संघ ने सरकार व विभाग पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लघंन करने के साथ ही वर्षों से दुर्गम में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के साथ उत्पीड़नात्मक कार्यवाही बताया।
रविवार को आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए संघ के जिलामंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने माई माह में एलटी से प्रवक्ताओं की पदस्थापना की काउंसिलिंग में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति वाले पदों को शामिल नहीं किए जाने पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गेस्ट शिक्षकों की नियुक्ति के समय सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश थे कि गेस्ट के पदों पर नियमित/स्थाई शिक्षक के नियुक्ति होने से उसे अपने पद से हटना पड़ेगा, क्योंकि यह नितांत अस्थाई नियुक्ति है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों बाद विगत मई माह में एलटी से प्रवक्ता पदों पर विभाग द्वारा पदोन्नति की गई थी, परन्तु कोविड-19 संक्रमण के कारण शिक्षकों की पदस्थापना नहीं की गई थी, अब काफी समय बाद सम्बन्धित शिक्षकों की पदस्थापना की तैयारी की गई वो भी सरकार द्वारा गेस्ट के पद रिक्त नहीं दिखाए जाने का फरमान जारी करने से शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला गया तो संघ मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जायेगा। बैठक में मनमोहन सिंह चौहान, मुकेश रावत, राजेन्द्र भंडारी, पंकज ध्यानी, अब्बल सिंह, डब्बल सिंह रावत, रतन बिरूट, रविन्द्र रावत, विजेन्द्र बिष्ट, परितोष रावत, संजय रावत, आशीष खरक्वाल, प्यारेलाल बडोला, विजेन्द्र तोमर, आशीष, कुलदीप नेगी, रतन सिंह रावत आदि मौजूद थे।

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