अनिवार्य सेवानिवृत्ति में परीक्षाफल मानक को निरस्त करने की मांग की

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मानकों व प्रतिमाह एक दिन के वेतन कटौती का विरोध किया। संघ ने प्रदेश सरकार से अनिवार्य सेवानिवृत्ति में परीक्षाफल मानक को निरस्त करने व प्रतिमाह एक दिन के वेतन कटौती पर रोक लगाने की मांग की है।
प्रदेश के शिक्षामंत्री को भेजे ज्ञापन में संघ के जिलामंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि विभाग द्वारा शिक्षकों के लिए अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए जो मानक तय किये गये है, उससे प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। परीक्षाफल के मानक से नकल की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा और शैक्षिक गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने उन्होंने शिक्षकों का प्रतिमाह एक दिन का वेतन कटौती किया जाना सरकार के निर्णय पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे संक्रमण काल में शिक्षक अपने स्तर से किसी न किसी रूप में जरूरतमंदों की मदद व सरकार का सहयोग कर रहे है। ऐसे में वेतन कटौती किया जाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि परीक्षाफल कम के लिए केवल शिक्षकों को दोषी ठहराना उचित नहीं है। इसके और भी कई कारण है। ज्ञापन देने वालों में मनमोहन सिंह, राजेन्द्र भंडारी, मुकेश रावत, अब्बर्ल ंसह रावत, डब्बल रावत, रतन बिष्ट, रविन्द्र रावत, परितोष रावत, संजय रावत, आशीष चौहान, आशीष खरक्वाल, विजेन्द्र तोमर, रतन रावत, पंकज ध्यानी, डॉ. कविन्द्र उनियाल, कुलदीप नेगी आदि शामिल थे।

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