गुलदार की दहशत से ग्रामीणों में दहशत

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अल्मोड़ा। तहसील की सुदूर न्याय पंचायत कुंवाली के गांवों में गुलदार का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गुलदार अब तक एक दर्जन दुधारू गायों सहित
दो दर्जन से अधिक मवेशियों को मौत के घाट उतार चुका है। गुलदार की दहशत से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद
वन विभाग के अधिकारी गंभीर समस्या की लगातार अनदेखी कर रहें हैं। बुधवार को पंचायत प्रतिनिधियों ने तहसील मुख्यालय रानीखेत पहुंचकर एसडीएम को
ज्ञापन सौंपा तथा पिंजड़ा लगाकर गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई। एसडीएम अभय प्रताप सिंह से मुलाकात कर पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि
कुंवाली न्याय पंचायत के विभिन्न गांवों में दो-तीन माह से गुलदार का आतंक बना हुआ है। महतगांव में चार बकरियों व दो गायों, सुतरगांव के तोक कफल्ना में
एक गाय व एक बछड़े, पागसा में दो गाय व पांच बकरियां, मुझोली में तीन गाय, नैड़ी में दो गाय चार बकरियां तथा ऐना में चार गायों को गुलदार मार चुका है।
जिनकी गायें गुलदार ने मारी हैं, उन सभी ग्रामीणों ने बैंकों से ऋण लेकर गायों को खरीदा था। गुलदार द्वारा मवेशियों को मारे जाने से पीड़ित ग्रामीणों को भारी
नुकसान उठाना पड़ा हैं। वहीं, रात के अलावा गुलदार के कई बार दिन-दहाड़े भी आबादी में घुस आने से दहशत बनी हुई, शाम होते ही ग्रामीण घरों में कैद होने को
मजबूर हैं। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा कई बार वन विभाग को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन विभागीय अधिकारी शायद बड़े हादसे के इंतजार में हैं।
जनप्रतिनिधियों ने एसडीएम से क्षेत्र में पिंजड़ा लगाकर गुलदार के आतंक से निजात दिलाए जाने की गुहार लगाई। ज्ञापन देने वालों में मुझोली के क्षेत्र पंचायत
सदस्य दीपक कन्नू साह, पागसा के बीडीसी सदस्य भूपेंद्र सिंह, ऐना के गोविंद राम सहित शुभम साह, दीपक परिहार आदि शामिल रहे

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