नई टिहरी। कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी में आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में किसानों की समस्याओं के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया गया। वैज्ञानिकों ने किसानों को अदरक की बेहतर कीमत के लिए सितंबर में कल्ले समेत अदरक की गांठ निकालने, फसलों में एक ही तरह की रासायनिक दवा का लगातार इस्तेमाल न करने और सब्जी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने का सुझाव दिया। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के कुलपति प्रो. भगवती प्रसाद भट्ट की अध्यक्षता में वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी के बैठक संपन्न हुई। कुलपति भट्ट ने कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। विवि के सह निदेशक शोध प्रो. अमोल वशिष्ठ ने कृषि विज्ञान केंद्र में होने वाले कार्यक्रम बताए। कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी के प्रभारी अधिकारी डॉ. आलोक येवले ने वर्ष 2025-26 की प्रगति और वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना प्रस्तुत की। औद्यानिकी महाविद्यालय भरसार के अधिष्ठाता प्रो. एके जोशी ने किसानों को औद्यानिकी और कृषि फसलों में रासायनिक कीटनाशकों का एक ही समूह लगातार इस्तेमाल करने के बजाय अलग-अलग समूह की दवाओं को बदल-बदलकर इस्तेमाल करने की सलाह दी। निदेशक शैक्षणिक डॉ. अरविंद बिजल्वाण ने किसानों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।