उत्तराखंड

पहाड़ी टूटने से हरकोट में बनी झील का जलस्तर घटा

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पिथौरागढ़। हरकोट में पहाड़ी दरकने के बाद बंद नदियों का प्रवाह फिर से शुरू हो गया है। प्रवाह शुरू होने के साथ ही यहां बनी झील का जलस्तर भी घटने लगा है, जिससे प्रशासन और नीचे बसी आबादी ने राहत की सांस ली है। हालांकि नदियों से मलबा पूरी तरह साफ नहीं किया जा सका है। लगातार पहाड़ी दरकने से अब भी खतरा बरकरार है, जिस पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। मुनस्यारी के हरकोट में बीते शनिवार भारी बारिश के बाद पहाड़ी दरकने से दो नदियों का प्रवाह रुक गया था, जिससे वहां 300 मीटर से अधिक लंबी झील बन गई थी। झील बनने से नीचे बसे 5 से अधिक गांवों को खतरा पैदा हो गया था। प्रशासन ने सजगता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर नदियों का प्रवाह शुरू करने का प्रयास किया। राजस्व, पुलिस व एसडीआरएफ की टीम ने मलबे व बोल्डरों को हटाकर नदियों का प्रवाह शुरू कराया। अब धीरे-धीरे झील का जलस्तर घटने लगा है, जिससे प्रशासन व नीचे बसी आबादी ने राहत की सांस ली है। हालांकि नदियों से मलबा पूरी तरह साफ नहीं किया जा सका है।

पहाड़ी से लगातार गिर रहे हैं बोल्डर- मुनस्यारी। हरकोट के पास पहाड़ी से लगातार बोल्डर व मलबा गिरने का सिलसिला जारी है, जिस कारण प्रशासन को नदियों से पूरा मलबा साफ करने में खासी दिक्कत आ रही है। हालांकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए है। लेकिन पहाड़ी से मलबा गिरने से खतरा अब भी बरकरार है।

हरकोट में मलबा व बोल्डर हटाकर नदियों का प्रवाह शुरू किया गया है। झील का जलस्तर घट रहा है। प्रशासन स्थिति पर नजर गढ़ाए है। पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने से नदियों से मलबा पूरी तरह साफ नहीं किया जा सका। खतरे की बात नहीं है। -अभय प्रताप सिंह, एसडीएम, मुनस्यारी।

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