नई दिल्ली , दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सौंदर्य मंच पर एक बार फिर नई मिस वर्ल्ड का ताज सज चुका है। डोमिनिकन रिपब्लिक की 24 वर्षीय जोहेरी मोला ने दुनिया भर के 111 देशों की सुंदरियों को कड़े मुकाबले में पछाड़ते हुए ‘मिस वर्ल्ड 2026Ó का ऐतिहासिक खिताब अपने नाम कर लिया है। वहीं, भारत का प्रतिनिधित्व कर रहीं फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 निकिता पोरवाल से देश को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वे टॉप-40 तक पहुंचने के बाद टॉप-20 की रेस से बाहर हो गईं। इसके साथ ही भारत का 7वां मिस वर्ल्ड क्राउन जीतने का इंतजार और लंबा हो गया है।
44 साल बाद डोमिनिकन रिपब्लिक की झोली में दूसरा खिताब
जोहेरी मोला की इस शानदार जीत ने उनके देश का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया है। डोमिनिकन रिपब्लिक के लिए यह दूसरा मिस वर्ल्ड का खिताब है। इससे पहले साल 1982 में मारियासेला अल्वारेज ने देश के लिए पहला मिस वर्ल्ड का ताज जीता था। करीब 44 साल के लंबे सूखे को खत्म करने वाली जोहेरी की खूबसूरती, आत्मविश्वास और हाजिरजवाबी ने जजों का दिल जीत लिया और वे विजेता घोषित की गईं।
टॉप-3 में स्पेन और मलेशिया की सुंदरियों का जलवा
फिनाले राउंड में कड़े मुकाबले के बाद उपविजेताओं की भी घोषणा की गई। मिस वर्ल्ड 2026 की विजेता जोहेरी मोला के अलावा स्पेन की एलिजाबेथ रेयनेस फर्स्ट रनर-अप रहीं, जबकि मलेशिया की तानुसिया चेट्टी ने सेकेंड रनर-अप का खिताब हासिल किया। हालांकि, मध्य प्रदेश की रहने वाली भारतीय सुंदरी निकिता पोरवाल भले ही शीर्ष 20 में स्थान नहीं बना सकीं, लेकिन रैंप पर उनके आत्मविश्वास, शालीनता और अनूठे अंदाज की दर्शकों व फैशन जगत ने जमकर तारीफ की।
फिनाले में दिखा फेयरीटेल प्रिंसेस लुक
ग्रैंड फिनाले में नई मिस वर्ल्ड जोहेरी मोला का ग्लैमरस अंदाज देखने लायक था। उन्होंने सिल्वर एम्बेलिशमेंट से सजा एक स्ट्रैपलेस कॉर्सेट गाउन पहना था, जिसके साथ फ्लोई और सॉफ्ट पिंक ट्यूल स्कर्ट का कॉम्बिनेशन उन्हें बिल्कुल किसी परी की तरह लुक दे रहा था। डायमंड स्टेटमेंट ईयररिंग्स और क्लासी हाई बन हेयरस्टाइल के साथ जब उनके सिर पर मिस वर्ल्ड का जगमगाता ताज सजाया गया, तो उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।
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(नई दिल्ली)रेबीज वैक्सीन ‘अभयरैबÓ का संदिग्ध बैच मिलने से हड़कंप, डीसीजीआई ने जारी किया अलर्ट; कंपनी बोली- नकली शीशियां बना रहे जालसाज
नई दिल्ली ,06 सितंबर ,(आरएनएस)। भारत के राष्ट्रीय दवा नियामक ने देश भर में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाली प्रमुख रेबीज रोधी वैक्सीन ‘अभयरैबÓ के एक बैच को लैब जांच में घटिया और संभावित रूप से नकली (स्प्यूरियस) पाए जाने के बाद सख्त अलर्ट जारी किया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की कसौली स्थित प्रयोगशाला में हुए परीक्षण के दौरान इस वैक्सीन का एक फील्ड सैंपल मानकों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा और इसकी पोटेंसी आवश्यक स्तर से कम पाई गई। इसके बाद ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया राजीव सिंह रघुवंशी ने सभी राज्यों के दवा नियामकों को पत्र लिखकर इस विशेष बैच की आवाजाही और वितरण पर कड़ी निगरानी रखने तथा तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कसौली लैब जांच में 17 खामियां, मिसब्रांडेड घोषित
सीडीएससीओ की कसौली प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में सैंपल को ‘मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहींÓ और ‘मिसब्रांडेडÓ श्रेणी में रखा गया है। लैब ने जब जब्त किए गए सैंपल का मिलान वैक्सीन निर्माता ‘इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेडÓ द्वारा पहले जमा किए गए वास्तविक रेफरेंस सैंपल से किया, तो दोनों में कई गंभीर अंतर पाए गए। जांच में लेबलिंग, आर्टवर्क, क्यूआर-कोड वेरिफिकेशन, शीशी के ढक्कन का रंग, लाइसेंस विवरण और पैकेजिंग की लिखावट समेत कुल 17 तरह की बड़ी विसंगतियां सामने आईं, जिससे साफ हो गया कि बाजार में नकली वैक्सीन का खेल चल रहा था।
कंपनी का दावा: अनधिकृत ठिकाने से पकड़ी गईं नकली शीशियां
मामले पर सफाई देते हुए सरकारी उपक्रम इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड ने स्पष्ट किया कि जिस बैच की जांच की गई, उसके सैंपल दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित एक अवैध रिहायशी ठिकाने से जब्त किए गए थे। कंपनी ने कहा कि लैब रिपोर्ट में दर्ज 17 विसंगतियां इस बात का ठोस सबूत हैं कि ये नकली शीशियां उनके प्लांट में तैयार नहीं किए गए हैं। कंपनी के अनुसार, असली बैच ्यश्व25012 को केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला द्वारा पूरी जांच के बाद नवंबर 2025 में रिलीज सर्टिफिकेट दिया गया था और इसके 83,370 शीशियां केवल अधिकृत वितरकों के माध्यम से ही सप्लाई किए गए थे, जिन पर अब तक कोई शिकायत नहीं आई है।
दिल्ली पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा, अस्पतालों की सप्लाई सुरक्षित
कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि अस्पतालों, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और पंजीकृत मेडिकल स्टोर्स पर अधिकृत सप्लाई चेन के जरिए पहुंचने वाली वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इस मामले से अप्रभावित है। कंपनी ने अपने सभी निर्माण व वितरण दस्तावेज नियामक को सौंप दिए हैं और नकली वैक्सीन बनाने वाले सिंडिकेट की तह तक जाने की मांग की है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस सनसनीखेज फर्जीवाड़े में कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सीडीएससीओ ने स्पष्ट किया है कि इस प्रभावित बैच का कोई भी हिस्सा विदेश निर्यात नहीं किया गया है और मामले में गहन कानूनी जांच जारी है।
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