जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : पूर्व सैनिक संघर्ष समिति ने जौलीग्रांट हवाई अड्डे का नाम पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व सेना अधिकारी मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी के नाम पर रखने की मांग की है। समिति का कहना है कि देश और समाज के लिए खंडूड़ी का योगदान अतुलनीय रहा है, जिसे हमेशा याद रखा जाना चाहिए।
समिति अध्यक्ष महेंद्र पाल रावत के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी ने भारतीय सेना में कोर ऑफ इंजीनियर्स से लेकर मेजर जनरल तक सेवाएं दीं तथा 1962, 1965 और 1971 के युद्धों में सक्रिय भूमिका निभाई। पूर्व सैनिकों ने कहा कि केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री रहते हुए खंडूड़ी ने स्वर्णिम चतुर्भुज योजना को गति प्रदान की और 5846 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण समय पर पूरा कराया। उत्तराखंड में ऑल वेदर रोड परियोजना की नींव रखने का श्रेय भी उन्हें जाता है। ज्ञापन में कहा गया कि मुख्यमंत्री रहते उनका कार्यकाल ईमानदारी और अनुशासन के लिए जाना गया। उन्होंने लोकायुक्त एक्ट 2011 लागू कर मुख्यमंत्री पद को भी लोकायुक्त के दायरे में लाया। साथ ही पहाड़-केंद्रित विकास की सोच को बढ़ावा देते हुए गैरसैंण में विधानसभा भवन का निर्माण कराया। समिति ने कहा कि मेजर जनरल खंडूड़ी फौजी अनुशासन, राजनीतिक ईमानदारी और उत्तराखंड के स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उनके नाम पर हवाई अड्डे का नामकरण आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देगा। इस अवसर पर त्रिलोक सिंह, अनसूया प्रसाद सेमवाल, गोपाल सिंह नेगी, जीत सिंह, ठाकुर सिंह, गंभीर सिंह और मनमोहन सिंह सहित कई पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।