कार्मिकों ने की पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखण्ड ने प्रदेश सरकार से पुरानी जीपीएफ पेंशन व्यवस्था को लागू करने की मांग की। मोर्चा के पदाधिकारियों ने उक्त मांग को लेकर प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय के माध्यम से मुख्यममंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि कार्मिक पिछले काफी समय से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग कर रहे है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मोर्चा के प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि अक्टूबर 2005 के पश्चात नियुक्त कार्मिकों को पुरानी योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। नवीन पेंशन योजना से कार्मिकों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। जैसा कि पुरानी जीपीएफ पेंशन योजना से था। अक्टूबर 2005 से पूर्व कार्यरत सभी राजकीय अधिकारी/शिक्षक/कार्मिक अपने वेतन का एक अंश स्वयं जीपीएफ के तहत कटवाते हैं उस पर एक निर्धारित ब्याज प्रक्रिया भी है। अपने सेवाकाल के समय अपनी आवश्यकतानुसार अपने जीपीएफ से पैसा निकाला जाता था। इस सहूलियत से जहां वह अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन उचित प्रकार से करता था वहीं अपने बच्चो की शिक्षा/चिकित्सा/विवाह/उच्च शिक्षा/कोर्स आदि को भी समय रहते कर लेता था। ऐसे में कार्मिक को बैंक से लोन लेने की जरूरत नहीं पड़ती थी। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2005 के पश्चात नियुक्त र्कािमक भय में है कि राजकीय सेवा से सेवानिवृत्ति के पश्चात कैसे जीवन यापन होगा। कार्मिको की एक ही पीड़ा है कि नवीन पेंशन योजना उनके लिए लाभदायक नहीं है, जबकि पुरानी जीपीएफ पेंशन योजना हर प्रकार से लाभदायक है। उन्होंने कहा कि एनपीएफ जैसी प्राइवेट शेयर बाजार की योजना को समाप्त कर सभी कार्मिकों का भविष्य सुरक्षित करने हेतु पुरानी जीपीएफ योजना को बहाल किया जाना आवश्यक है।

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