कोटद्वार में मार्केट खोलने पर भड़के सील गोविन्द नगर के नागरिक

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गोविन्द नगर को खोलने की मांग की
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। गोविन्द नगर के लोग जिला परिषद और उससे सटी मालिनी मार्केट को खोलने पर भड़क गये। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से सोमवार से जिला परिषद और उससे सटी मालिनी मार्केट को खोला जा रहा है, लेकिन उक्त मार्केट में अधिकांश दुकानें गोविन्द नगर के लोगों की है। ऐसे में मार्केट खोलने का क्या फायदा। उन्होंने शासन प्रशासन पर सील ऐरिया में रह रहे लोगों की कोई मदद न करने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों के पास खाने पीने का जरूरी सामान भी किल्लत हो रही है। उन्होंने प्रशासन से जिला परिषद और उससे सटी मालिनी मार्केट के साथ ही गोविन्द नगर की सील गलियों को भी खोलने की मांग की है।
ज्ञात हो कि गोविंद नगर में एक व्यापारी समेत परिवार के सात लोग कोरोना संक्रमित होने के बाद गोविन्द नगर की पांच गलियों को सील कर दिया गया था। सील इलाके के लोगों के बाहर आने जाने में पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था। जिला परिषद और उससे सटी मालिनी मार्केट के खोलने पर गोविन्द नगर के लोगों ने आक्रोश जताया। गोविन्द नगर के लोग गीता मंदिर के पास एकत्रित हुए। लोगों ने प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दो दिन से गलियों में सब्जी नहीं आई है। जबकि प्रशासन की ओर से जरूरी सामान को उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। व्यापारियों ने कहा कि प्रशासन गोविन्द नगर के साथ भेदभाव कर रहा है। गोविन्द नगर के अलावा भी कोटद्वार में कोरोना के पॉजिटिव केस आ रहे है। वहां तो इलाके को सील नहीं किया जा रहा है, जबकि गोविन्द नगर की गलियों को सील कर दिया गया है। गोविन्द नगर की पांचों गलियों को भी पूरी तरह से सील नहीं किया गया है। जिस कारण लोग आराम से बाजार घूमकर घर में आ रहे है। व्यापारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस गली में कोरोना पॉजिटिव आये है उस गली को भी पूरी तरह से सील नहीं किया गया है। वहीं गोविन्द नगर से जाने वाले काशीरामपुर तल्ला मार्ग को भी बंद नहीं किया गया है। गोविन्द नगर के लोग इस मार्ग से बाजार जा रहे है। पुलिस उन्हीं लोगों का चालान कर रही है जिनकी शिकायत की जा रही है। कई लोगों तो घरों में रहकर प्रशासन द्वारा जारी किये गये नियमों का पालन कर रहे है, जबकि कुछ लोग घरों से बाहर निकल रहे है। स्थानीय निवासी हिमांशु अग्रवाल और प्रदीप अग्रवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना को लेकर गोविन्द नगर को बदनाम किया जा रहा है। प्रशासन ने गोविन्द नगर में निर्धारित पांच सौ मीटर के दायरे को पूरी तरह से सील नहीं किया। जिस कारण कई लोग आराम से बाजार जा रहे है और घूम रहे है। जबकि नियमों का पालन करने वाले लोग घरों में बैठे है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को एक साथ ही गोविन्द नगर के लोगों की टेस्टिंग करानी चाहिए थी, लेकिन प्रशासन ने कुछ ही लोगों की टेस्टिंग कराई।

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