कोटद्वार मेडिकल कॉलेज: केन्द्र की ना, राज्य सरकार से बनवायेगें

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। स्थानीय विधायक एवं प्रदेश के काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से कोटद्वार विधानसभा में मेडिकल कॉलेज बनायेगी। शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। जल्द ही मेडिकल कॉलेज के पदों का सृजन कर प्रिंसिपिल की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोटद्वार विधानसभा में मेडिकल कॉलेज केन्द्र सरकार की योजना के मानको को पूरा नहीं कर पाया। इसलिए राज्य सरकार ने स्वयं के संशाधनों से मेडिकल कॉलेज बनाने का निर्णय लिया है। मंत्री ने कहा कि कोटद्वार में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत है।
बेस अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक के कार्यालय में प्रेस को संबोधित करते हुए काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने बताया कि केन्द्र सरकार की योजना के अनुसार जिले में एक ही मेडिकल कॉलेज बनाया जा सकता है। कोटद्वार विधानसभा में मेडिकल कॉलेज योजना के मानक पूरे नहीं कर पाया, क्योंकि पौड़ी जनपद के श्रीनगर गढ़वाल में मेडिकल कॉलेज बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर वित्तीय भार कम करने के लिए कोटद्वार में ईएसआई से मेडिकल कॉलेज बनाने की कोशिश की थी, लेकिन मेडिकल कॉलेज नहीं बन पाया। ऐसा नहीं है कि ईएसआई मेडिकल कॉलेज नहीं बनाती है, ईएसआई ने देश में 18 मेडिकल कॉलेज बनाये है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि सरकार अपने संसाधनों से कोटद्वार विधानसभा में मेडिकल कॉलेज का निर्माण करायेगी। राज्य सरकार ने दून, हल्द्वानी, श्रीनगर में अपने संसाधनों से मेडिकल कॉलेज बनाये है। उन्होंने कहा कि नई गाइड लाइन के अनुसार मेडिकल कॉलेज के लिए 550 बेड होने चाहिए। जिसमें से 300 बेड का बेस अस्पताल पहले से तैयार हो चुका है, अब हमें मेडिकल कॉलेज की शुरूआत के लिए 250 बेड की आवश्यकता है। जिसमें एकेडमिक ब्लॉक की प्रथम वर्ष में 150 बेड से शुरूआत हो सकती है। 105 बच्चों के लिए बालक-बालिका हास्टल की जरूरत है। वन मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में 974 पद सृजित होते है। जल्द ही मेडिकल कॉलेज के लिए पदों का सृजन किया जाएगा और प्रिंसिपिल की तैनाती कर दी जाएगी। मेडिकल कॉलेज के नाम 29 एकड़ जमीन है। जबकि 20 एकड़ जमीन चाहिए। 6 एकड़ जमीन में बेस अस्पताल बना हुआ है और 23 एकड़ जमीन कलालघाटी में है। इस मौके पर बेस अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. वीसी काला, उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा, वन मंत्री के जनसम्पर्क अधिकारी सीपी नैथानी, विकास माहेश्वरी, पूनम खंतवाल, पंकज भाटिया, कमलेश कोटनाला आदि मौजूद थे।

कोटद्वार में होगी आयुर्वेदिक शोध संस्थान की स्थापना
कोटद्वार। स्थानीय विधायक एवं काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि चरेख डांडा की बजाय अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेदिक शोध संस्थान की स्थापना मेडिकल कॉलेज के लिए चयनित भूमि पर की जाएगी। मेडिकल कॉलेज के लिए कलालघाटी में 23 एकड़ भूमि चयनित की गई है। जिसमें से 10 एकड़ भूमि पर की जाएगी। इसके लिए 10 एकड़ जमीन अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेदिक शोध संस्थान बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि चरेख डांडा में जड़ी बूटी पैदा की जाएगी। चरेख डांडा में सुरक्षा दीवार सहित अन्य कार्यों के लिए 50 लाख रूपये जारी कर दिये है। उत्तरी भारत में यह पहला प्रयोग होगा कि एक ही परिसर में बीआईएमएस, मेडिकल कॉलेज और अंतर्राष्ट्रीय शोध संस्थान स्थापित होगें।

पंचकर्मा व योगा कोर्स इसी सत्र से होगें शुरू
कोटद्वार। स्थानीय विधायक एवं काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि आयुर्वेदिक अस्पताल सिम्मलचौड़ को भी आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के अधीन कर दिया गया है। यहां पर अब योगा, पीजी डिप्लोमा, प्राकृतिक चिकित्सा का एक वर्षीय डिप्लोमा शुरू किया जाएगा। इसी सत्र से पंचकर्मा और योगा के कोर्स शुरू कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि जड़ी बूटियों का अध्ययन होना चाहिए।

34 पद स्वीकृत 36 डॉक्टर कार्यरत
कोटद्वार। स्थानीय विधायक एवं काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार में डॉक्टरों के 34 पद स्वीकृत है, जबकि वर्तमान में अस्पताल में 36 डॉक्टर कार्यरत है। जिसमें दो डॉक्टर एनथीसिया, तीन ऑर्थों डॉक्टर भी शामिल है। फार्मासिस्ट के नौ पद स्वीकृत है और सभी पदों पर फार्मासिस्ट नियुक्त है। उन्होंने कहा कि पूर्व में बेस अस्पताल में डॉक्टरों की कमी थी, उनके अथक प्रयास से अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में डॉक्टरों की तैनाती की गई है।

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