जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : कारगिल विजय कप फुटबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक फाइनल मुकाबला लैंसडौन लायंस एफसी के नाम रहा। टाईब्रेकर तक पहुंचे संघर्षपूर्ण मुकाबले में टीम ने रॉयल गढ़वाल क्लब को 6-5 से हराकर खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और युवाओं को खेलों के माध्यम से अनुशासन एवं देशसेवा की भावना अपनाने का संदेश दिया गया।
प्रतियोगिता के पहले सेमीफाइनल में रॉयल गढ़वाल क्लब ने कालागढ़ को हराकर फाइनल में प्रवेश किया, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में लैंसडौन लायंस एफसी ने सुपर इलेवन को मात देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। फाइनल के पहले हाफ में लैंसडौन लायंस एफसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागकर 2-0 की बढ़त बना ली। मध्यांतर के बाद रॉयल गढ़वाल क्लब ने दमदार वापसी की। टीम के खिलाड़ियों ओम और सक्षम बिष्ट ने एक-एक गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। निर्धारित समय तक मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद निर्णय टाईब्रेकर से हुआ। गोलकीपर साहिल के बेहतरीन गोलरक्षण की बदौलत लैंसडौन लायंस एफसी ने 6-5 से जीत दर्ज कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। समापन समारोह में कारगिल युद्ध के वीर सेनानी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल चन्द्रपाल पटवाल ने विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की, जबकि गिरिराज सिंह रावत ने उपविजेता टीम को सम्मानित किया। सुरदीप गुसाईं, सुरेंद्र रावत और पुष्कर सिंह ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किए। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल कोच सुनील रावत ने एमकेवीएन के उभरते खिलाड़ी ऋषभ को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया। वहीं धीरेन्द्र कंडारी और भारत नेगी ने प्रतियोगिता के निर्णायकों को सम्मानित किया। आयोजन के दौरान खेल भावना, अनुशासन और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया।