रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील के ऐना गांव में सोमवार दोपहर जंगल में गाय लेने गई एक युवती पर तेंदुए ने हमला कर दिया। साथियों के शोर मचाने पर तेंदुआ भाग निकला लेकिन तब तक युवती गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। ऐना गांव निवासी दीवान सिंह की पुत्री बबीता बोरा (22) ग्रामीणों के साथ जंगल गई थी। बताया गया कि वह अकेले गाय लेने जंगल की ओर गई, तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। घायल बबीता को उप जिला चिकित्सालय रानीखेत लाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद सिर, गर्दन और चेहरे पर गंभीर चोटों के चलते उसे उच्च केंद्र रेफर कर दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीण चंदन सिंह ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से तेंदुए और अन्य जंगली जानवरों की दहशत बनी हुई है। आए दिन मवेशियों पर हमले हो रहे हैं जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। उन्होंने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में तत्काल पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
विशेषज्ञ चिकित्सक के अभाव में घायल किशोरी रेफर
उप जिला चिकित्सालय रानीखेत में न्यूरोलॉजिस्ट की सुविधा नहीं होने के कारण तेंदुए के हमले में गंभीर रूप से घायल युवती को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च केंद्र रेफर करना पड़ा। सिर पर गंभीर चोट की आशंका के चलते विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता बताई गई।
घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया है।