जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : मालन नदी पर बने वैकल्पिक मार्ग की लंबे समय से मरम्मत न होने से नाराज उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने सोमवार को तल्ला मोटाढांक में एक दिवसीय धरना देकर शासन-प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद मार्ग की स्थिति सुधारने को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मार्ग की मरम्मत नहीं कराई गई तो उक्रांद व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगा।

महानगर अध्यक्ष भारत मोहन काला के नेतृत्व में आयोजित धरने में वक्ताओं ने कहा कि करीब तीन वर्ष पहले मालन नदी का पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद क्षेत्र में आवागमन बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार कराया गया था। ह्यूम पाइप डालकर बनाए गए इस मार्ग से आसपास के ग्रामीणों के साथ ही औद्योगिक इकाइयों से जुड़े वाहनों की आवाजाही भी सुचारु हुई थी। वक्ताओं के मुताबिक मालन नदी पर नए पुल के निर्माण के बाद वैकल्पिक मार्ग की ओर ध्यान नहीं दिया गया। देखरेख के अभाव में नदी के बहाव और कटाव से मार्ग के दोनों हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मार्ग की बदहाल स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उक्रांद नेताओं ने कहा कि वैकल्पिक मार्ग की मरम्मत होने से मालन पुल पर वाहनों का दबाव कम किया जा सकता है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले भारी वाहनों के लिए भी यह मार्ग उपयोगी साबित होगा। उन्होंने प्रशासन से मार्ग का स्थायी समाधान करने और जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की। धरने में केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य महेंद्र सिंह रावत, केंद्रीय उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश भारद्वाज, संगठन सचिव सत्यपाल सिंह नेगी, प्रचार सचिव उमेद सिंह भंडारी, रविंद्र सोंध, पूर्व नगर अध्यक्ष जगदीपक रावत, जिलाध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ नरेश धस्माना, नगर महामंत्री सैनिक प्रकोष्ठ राजेश कुमार बुड़ाकोटी, कृपाल सिंह गुसाईं, अमित सौंद, यशपाल बिष्ट, शिवचरण सौंद, वीरेंद्र प्रसाद, वीरेंद्र भट्ट, सीमा बिष्ट, विनीता देवी, पुष्पा मेहरा, राधा देवी, मीनाक्षी लखेड़ा, कृष्णा बिष्ट, कल्पना जोशी, सरोजनी बिष्ट और पूनम भंडारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।