जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : राष्ट्रीय एड्स नियन्त्रण कार्यक्रम के उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सहयोग से ग्रामीण हिमालय अध्ययन एवं संरक्षण संस्था पौड़ी द्वारा लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना के अन्तर्गत विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सोमवार को राजकीय कन्या इण्टर कॉलेज पौड़ी में जनजागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के माध्यम से लोगों को एड्स के प्रति जागरूक किया।
गोष्ठी में टीआई कार्यक्रम के परियोजना प्रबंधक अजय राणा ने एड्स, टीबी के लक्षण, इससे बचाव, उपचार तथा कारण के बारे में बताया। बताया कि एड्स मुख्यत: चार कारणों से फैलता है असुरक्षित यौन सम्बन्ध, संक्रमित सुई के साझा इस्तेमाल से, संक्रमित रक्त चढ़ाने से व संक्रमित गर्भवती माता से उसके होने वाले शिशु को। कहा कि एड्स से बचाव के लिए समाज का जागरूक होना अति आवश्यक है। समाज में रहने वाले प्रत्येक शिक्षित व्यक्ति को इसके लिए अभियान चलाना चाहिए। बताया गया कि एड्स एक लाइलाज बीमारी है, इस महामारी को जड़ से खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर पिंकी, संगीता वाल्मिकी, शोभा बर्थवाल, नेहा घिल्डियाल, सुषमा बिष्ट, पारेश्वरी, अमिता वर्मा, पूजा भंडारी, अंजलि, रजनी देवी आदि मौजूद थे।