देहरादून : भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली डोईवाला विधानसभा में बृजभूषण गैरोला विधायक हैं लेकिन यहां की विरासत संभालने के लिए भाजपा के कई दावेदार मैदान में जोर आजमाइश करने लगे हैं। संगठन अपने वर्तमान विधायक पर ही भरोसा करेगा या किसी नए चेहरे पर दांव खेलेगा, यह अभी भविष्य के गर्भ में है लेकिन टिकट की दौड़ दिलचस्प होने वाली है। इस सीट पर संबंधित दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। भाजपा में वैसे तो तमाम दावेदार सामने हैं लेकिन कई ऐसे चेहरे हैं, जो अपनी दावेदारी पूरे दमखम के साथ पेश कर रहे हैं। इनमें वर्तमान विधायक गैरोला के अलावा भाजपा की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रूचि भट्ट, कर्नल अजय कोठियाल, जिलाध्यक्ष राजेंद्र तड़ियाल की सक्रियता से उनकी दावेदारी झलक रही है। कई और नेता यहां किसी न किसी रूप में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। डोईवाला विधानसभा वैसे तो भाजपा का गढ़ रही है। यहां पांचों विधानसभा चुनावों में भाजपा को ही जीत मिली। केवल 2014 के उपचुनाव में यह सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। 2002 में यहां भाजपा के त्रिवेंद्र रावत ने कांग्रेस के विरेंद्र मोहन उनियाल को 1536 मतों के अंतर से हराया था। 2007 के चुनाव में भाजपा के त्रिवेंद्र रावत ने कांग्रेस के विरेंद्र मोहन उनियाल को 14,127 मतों के अंतर से हराया। 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कांग्रेस के हीरा सिंह बिष्ट को 1272 मतों से हराया। इसके बाद निशंक के लोकसभा चले जाने से यह सीट खाली हो गई।