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सैन्य सम्मान के साथ शहीद गौतम को दी अंतिम विदाई

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकी हमले में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले कोटद्वार के शिवपुर निवासी गौतम कुमार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद का शव घर में पहुंचते ही जहां माहौल गमगीन हो गया, वहीं भारत माता की जयघोष के साथ पूरा क्षेत्र गूंज उठा। अंतिम यात्रा में सेना के जवानों सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने नम आंखों से शहीद जवान को विदाई दी। इस दौरान उमड़े जन सैलाब ने जहां पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए, वहीं शहीद के परिजनों को ढांढस भी बंधाया। इस अवसर पर सेना की टुकड़ी के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर सशस्त्र सलामी दी। उसके बाद सेना के अधिकारियों ने पुष्प चक्र अर्पित किए।
सोमवार सुबह 11 बजे के करीब शहीद के पार्थिव शरीर को सेना के विशेष हेलीकॉप्टर से कोटद्वार लाया गया। जैसे ही शहीद का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर उसके घर पहुंचा तो अंतिम दर्शन करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान शहीद जवान के घर से लेकर शमशान घाट तक माहौल पूरी तरह से गमगीन रहा। शव यात्रा में शामिल लोगों ने हाथों में तिरंगे लेकर शहीद गौतम कुमार अमर रहे, भारत माता की जय के नारे लगाकर अंतिम विदाई दी। सेना के जवानों ने हवा में गोली दाग कर शहीद को सलामी दी। इसके बाद मुक्तिधाम में शहीद को अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर शहीद गौतम जिंदाबाद और जब तक सूरज चांद रहेगा, गौतम तेरा नाम रहेगा के नारों से आसमान गूंज उठा। बतातें चलें कि शिवपुर कोटद्वार निवासी गौतम बीती 21 दिंसबर को जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में आतंकी हमले में शहीद हो गये थे। शनिवार को शहीद के पार्थिव शरीर को कोटद्वार लाने के लिए प्रशासन की ओर से शहीद के परिजनों को जम्मू भेजा गया था। जहां से सोमवार को शहीद के पार्थिव शरीर को कोटद्वार लाया गया। उनको अंतिम विदाई देने वालों में मेजर जनरल आर प्रेमराज, बिग्रेडियर वीएम चौधरी, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी श्वेता चौबे, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ओपी फर्सवाण, एएसपी जया बलोनी, एडीएम ईला गिरी, नगर आयुक्त वैभव गुप्ता, एसडीएम सोहन सिंह सैनी शामिल रहे।

2014 में भर्ती हुए थे गौतम
गौतम वर्ष 2014 में सेना के 89 आम्र्ड कोर में भर्ती हुए थे। वह पिछले दो साल से जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में तैनात थे। एक दिसंबर को ही वह 15 दिन की छुट्टी पर घर आया था और 16 दिसंबर को फिर ड्यूटी ज्वाइन की थी। सितंबर में उसकी सगाई ऋषिकेश में हुई थी, पूरा परिवार शादी को लेकर उत्साहित था। लेकिन, बृहस्पतिवार रात 12:30 बजे सेना के अधिकारियों ने फोन पर उन्हें गौतम के बलिदान की खबर दी, जिससे पूरे परिवार सदमे में है। दो साल पहले ही उनके पिता का निधन हुआ था। वह शिक्षा विभाग में थे। माता नीलम देवी गृहणी हैं। गौतम चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। दो बहनों की शादी हो चुकी है। राहुल भी शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। बता दें कि बृहस्पतिवार को जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले के बफलियाज इलाके में हुए आतंकी हमले में गढ़वाल मंडल के दो वीर बलिदान हो गए थे। इनमें पौड़ी जिले के कोटद्वार निवासी राइफलमैन गौतम कुमार (29) और चमोली जिले के बमियाला गांव के वीरेंद्र सिंह थे।

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