विदेशों से उत्तराखंड आने वाले यहीं हो सकते हैं क्वारंटाइन

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देहरादून। अब विदेशों से उत्तराखंड आने वाले अगर चाहें तो वो उत्तराखंड में ही सात दिनों की संस्थागत क्वारंटाइन अवधि बिता सकते हैं। उन्हें यह भी छूट रहेगी कि वे स्वयं के खर्च पर होटलों में या सरकारी खर्च पर सरकार द्वारा बनाए गए क्वांरटाइन सेंटरों में यह अवधि बिताएं। 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, गंभीर बीमार, गर्भवती महिलाओं, परिवार में मृत्यु पर आने वाले और 10 साल से कम आयु के बच्चों के साथ आने वाले अभिभावकों को इससे छूट रहेगी। आपको बता दें कि पहले प्रवासियों को हवाई जहाज के जरिये वापस आने पर संबंधित शहरों में ही सात दिनों संस्थागत क्वारंटाइन किया जा रहा था। इसके बाद कोई लक्षण न मिलने पर इन्हें संबंधित प्रदेशों को भेजा जा रहा था।
मंगलवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने विदेशों से आने वाले उत्तराखंड वासियों के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए। इसमें स्पष्ट किया गया है कि विदेशों से उत्तराखंड आने वालों को अपनी यात्रा शुरू करने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना लक्षण वालों को सात दिन के संस्थागत और फिर 14 दिन के होम क्वारंटाइन में रहना होगा। बाहर से आने वालों को यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि वे स्वयं के खर्च पर संस्थागत क्वारंटान रहना चाहते हैं या फिर सरकारी खर्च पर। दिल्ली में तैनात एडिशनल नोडल अधिकारी बाहर से आने वाले यात्रियों को दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों के साथ ही उत्तराखंड के होटलों की सूची उपलब्ध कराएंगे। सरकारी खर्च पर क्वारंटाइन में रहने वालों को सरकारी क्वारंटाइन सेंटरों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके बाद उत्तराखंड आने के इच्छुक यात्रियों को वाहन उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका खर्च यात्री को ही उठाना होगा। एडिशनल नोडल अधिकारी इन यात्रियों के विषय में संबंधित जिलाधिकारियों को अवगत कराएंगे, जिससे उनके लिए यथोचित व्यवस्था की जा सके। यात्रियों को उत्तराखंड पहुंचने के बाद सीधा अपने चुने हुए क्वारंटाइन सेंटरों में रिपोर्ट करना होगा। सरकारी खर्च पर क्वारंटाइन के इच्छुक लोगों को बॉर्डर चेक पोस्ट पर रिपोर्ट करने के बाद सीधा तय क्वारंटाइन सेंटरों में जाना होगा। इसका उल्लंघन करने वालों पर महामारी अधिनियम, आइपीसी और आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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