नैनबाग (टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक क्षेत्र का ऐतिहासिक राज मौण मेला धूमधाम से मनाया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने अगलाड़ नदी में मछलियां पकड़ी और ढोल-दमाऊं की थाप पर जमकर रासो, तांदी नृत्य किया।
शनिवार को नैनबाग क्षेत्र की अगलाड़ नदी में जौनपुर का राज मौण मेला हर्षोल्लास से मनाया गया। मौण मेले में भारी संख्या में लोग पहुंचे और उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। अगलाड़ नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण लोगों को मछलियां पकड़ने में काफी परेशानी आई। बावजूद इसके लोगों ने खूब मछलियां पकड़ी।
इस बार के मौण मेले के पांतीदार अठजुला पट्टी के ग्रामीणों ने परंपरा के अनुसार टिमरू का पाउडर मौण एक साथ नदी में डाला। इस पाउडर से मछलियों के बेहोश होने पर हजारों की संख्या में लोगों ने मछलियां पकड़ी। ऐतिहासिक राजमौण मेला टिहरी नरेश के समय से संचालित होता आ रहा है।
स्थानीय निवासी बुजुर्ग आशाराम नौटियाल, मोहन लाल कवि, बृजलाल कवि, महिशानंद कवि, शरण सिंह पंवार का कहना है कि टिहरी नरेश खुद रानी के साथ मौण मेले में आते थे। मौण मेले की अनेक विशेषताओं के साथ-साथ अनोखी पहचान है। आपसी भाईचारा, मेल-मिलाप और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के तहत लोग मौण का मेला मनाते हैं। जौनपुर के अलावा जौनसार, विकासनगर, रवाईं आदि क्षेत्र के लोगों ने मौण मेले में प्रतिभाग किया। इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष महिपाल सजवाण, राकेश राणा, शरण सिंह पवार, प्रदीप कवि, गंभीर रावत, वीरेंद्र सिंह, गुड्डू चौहान, प्रवीण चौहान, अर्जुन रावत, रणवीर सिंह रावत, विरेश कवि मौजूद रहे।