ई-फार्मेसी के विरोध में सड़क पर उतरे मेडिकल संचालक

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ऋषिकेश। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को मेडिकल स्टोर बंद कर दवा विक्रेताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने हरिद्वार रोड पर जुलूस निकालते हुए दून तिराहे पर मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। उनका कहना है कि ऑनलाइन दवा कारोबार से सीधेतौर पर उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से शीघ्र इस मामले में प्रभावी कदम उठाने की मांग की। राष्ट्रव्यापी बंद के समर्थन बुधवार को एसोसिएशन सदस्यों ने भी मेडिकल स्टोर नहीं खोले। नगर क्षेत्र में संचालित 88 में से महज चार स्टोर को ही आपात स्थिति में दवा खरीद के लिए खोला गया। ई-फार्मेसी के संचालन से नाराज सदस्य सुबह हरिद्वार रोड पर जुलूस निकालते हुए दून तिराहे तक पहुंचे। यहां हाथ में बैनर लेकर उन्होंने जमकर नारेबाजी की। एसोसिएशन अध्यक्ष संदीप मल्होत्रा ने कहा कि ऑनलाइन दवा करोबार मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए परेशानी कस सबब बन गया है। इसका असर सीधे असर मेडिकल स्टोर संचालकों पर आर्थिक रूप से पड़ रहा है। जीविका का हवाला देते हुए उन्होंने बिना चिकित्सक के पर्चे के ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध की मांग दोहराई। कोरोना काल में आपातकालीन प्रावधानों के तहत जारी अधिसूचनाओं को वापस लेने का मुद्दा उठाया। बताया कि बड़े कॉर्पोरेट्स अत्यधिक छूट देकर बाजार का संतुलन बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने इसे छोटे दुकानदारों को खत्म करने की साजिश जैसा बताया। केमिस्ट विनोद कोठारी ने कहा कि वैध पर्चे के बगैर ऑनलाइन दवाओं की बिक्री से चिंताजनक है। इससे दवाओं के दुरूपयोग का खतरा भी बढ़ गया है। फार्मासिस्ट और मरीज के बीच सीधा संवाद खत्म होने से उन्होंने नकली दवाओं के बाजार में आने की आशंका भी जताई। चेताया कि शीघ्र मांगों को लेकर सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो मेडिकल स्टोर संचालक चरणबद्ध आंदोलन को मजबूर होंगे। प्रदर्शनकारियों में विकास गोयल, सीपी चमोली, मुकेश भट्ट, प्रदीप सेमवाल, संजय काला, प्रेम किशोर नौटियाल, गौरव कक्कड़, दिनेश कोठारी, दीपांशु तिवारी, राजेश रावत, दीपक भट्ट, अनूप कंसल, पवन अरोड़ा आदि शामिल रहे।

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