रुड़की में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में सभी मेडिकल स्टोर बंद

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रुड़की। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) के आह्वान पर रुड़की केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को जमकर प्रदर्शन किया। ऑनलाइन दवा बिक्री, कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा भारी छूट और नकली दवाओं के विरोध में अपने मेडिकल स्टोर बंद रखे। मेडिकल स्टोर बंद होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग दवाओं के लिए इधर-उधर भटकते रहे। ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक, कॉर्पोरेट कंपनियों की ओर से दवाओं पर दी जा रही भारी छूट इसको लेकर ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) की ओर से लगातार विरोध दर्ज कराया जा रहा है। इसके चलते ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर रुड़की के दवा व्यापारियों ने अपने मेडिकल स्टोर बंद रखे। बुधवार को सुबह करीब 11 बजे सभी मेडिकल स्टोर स्वामियों ने रुड़की केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की अगुवाई में बीएसएम तिराहा शहीद भगत सिंह तिराहे पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया।
व्यापारी बोले, नकली दवाओं के बढ़ने की भी आशंका:
रुड़की केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप शर्मा व महामंत्री अवनीश शर्मा ने कहा कि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री व कंपनियों की ओर से दी जाने वाली भारी छूट के कारण मेडिकल स्टोर बाजार से बाहर होते जा रहे हैं। कारोबार ठप होता जा रहा है। यदि इस पर रोक न लगी तो मेडिकल स्टोर बंद करने पड़ जाएंगे। इससे नकली दवाओं के बढ़ने की भी आशंका है। ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नियमों की अनदेखी कर दवाओं की बिक्री कर रहे हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ रहा है। इसके अलावा बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा भारी डिस्काउंट दिए जाने से स्थानीय दवा व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है
मंगलौर में बंद रखे मेडिकल स्टोर: मंगलौर। ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में मेडिकल स्टोर संचालकों ने दुकानें बंद रखकर शिव चौक पर दवा कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। मंगलौर कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले एकजुट व्यापारियों ने मुख्य बाजारों में पैदल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। संगठन के अध्यक्ष नवीन गोयल ने कहा कि आनलाइन दवा बिक्री का सीधा असर पारंपरिक व्यापार पर पड़ रहा है। बिना डॉक्टर के पर्चे के धड़ल्ले से ऑनलाइन दवाएं युवाओं में नशे की प्रवृत्ति और गलत दवाओं के सेवन को बढ़ावा दे रही हैं। सरकार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। कहा कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।

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