जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लैंसडौन विधानसभा के विधायक दिलीप सिंह रावत ने स्वतंत्रता सेनानी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को लेकर दिए गए अपने हालिया बयान पर उठे विवाद के बीच स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी प्रकार से महान स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगते हैं।
शनिवार को कोटद्वार में आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को लेकर एक बयान दिया था। लेकिन, सोशल मीडिया में उनके बयान को अलग ही तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उनके वक्तव्य का आशय क्रांतिकारी व्यक्तित्व का अपमान करना नहीं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया पर अपनी राय व्यक्त करना था। कहा कि “यदि मेरे शब्दों से वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के सम्मान, स्वाभिमान को जरा भी ठेस पहुंची है, तो मैं इसके लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा प्रार्थी हैं।” पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1979 में कोटद्वार के मालवीय उद्यान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के साथ अभद्र व्यवहार किया था। उन्होंने कहा कि इस घटना का उल्लेख दैनिक जयंत की एक पत्रिका में तत्कालीन कांग्रेस नेता स्वर्गीय कुंवर सिंह कर्मठ ने भी किया है। रावत ने कांग्रेस से इस ऐतिहासिक घटना पर अपना पक्ष स्पष्ट करने और माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कांग्रेस की परिवर्तन संकल्प यात्रा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है और जनता का विश्वास अब उसके साथ नहीं है। पत्रकार वार्ता में उमेश त्रिपाठी, विवेक अग्रवाल सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।