अभिभावकों ने दी आंदोलन की चेतावनी
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : दुगड्डा विकासखंड के आमसौड़ स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को क्लस्टर विद्यालय में समायोजित किए जाने के शिक्षा विभाग के निर्णय का क्षेत्रीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने विद्यालयों को यथावत संचालित रखने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
शनिवार को पूर्व ब्लॉक प्रमुख रूचि कैंत्यूरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य अंजू देवी तथा अभिभावक-शिक्षक संघ के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक तहसील परिसर पहुंचे। उन्होंने उपजिलाधिकारी संदीप कुमार के माध्यम से शिक्षा मंत्री और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समायोजन के आदेश को निरस्त करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि आमसौड़ के दोनों विद्यालयों में पर्याप्त छात्र संख्या होने के बावजूद उन्हें क्लस्टर विद्यालय में शामिल करने के आदेश जारी किए गए हैं। अभिभावकों ने बताया कि पिछले वर्ष भी ऐसे ही आदेश जारी होने पर क्षेत्रवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद मामला शांत हुआ था। लेकिन इस वर्ष फिर से मुख्य शिक्षा अधिकारी की ओर से समायोजन के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आमसौड़, जमरगड्डी, झवाणा, सुनारी, नेगणी, गाज, धरियालसार और झिंडी डांडा सहित कई गांवों के छात्र-छात्राएं प्रतिदिन करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर इन विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। ऐसे में विद्यालयों के समायोजन से बच्चों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। अभिभावकों ने यह भी कहा कि कोटद्वार-दुगड्डा मोटर मार्ग भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है, जहां आए दिन पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे हालात में बच्चों को दूर स्थित क्लस्टर विद्यालय भेजना उनकी सुरक्षा के साथ समझौता होगा। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों विद्यालयों की वर्तमान व्यवस्था बरकरार रखने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कुंदन सिंह, भागेश्वरी देवी, सरस्वती देवी, सुमन देवी, पुष्पा देवी, ज्योति देवी, रेखा देवी, सुनीता देवी, अनिल सिंह, बलवंत सिंह और वीरेंद्र सिंह सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।