अंडमान और निकोबार में 16 मई को पहुंचेगा मानसून, जून के अंतिम सप्ताह में मानसून पूर्व बारिश का दिखेगा असर

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नईदिल्ली,गर्मी से जूझ रहे लोगों को इस बार मानसून की बारिश थोड़ी जल्दी राहत दे सकती है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून 16 मई को दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगर 16 मई तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बारिश शुरू होती है तो मानसून 25 से 30 मई तक केरलम में प्रवेश कर सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अंडमान और निकोबार मानसून पहुंचने पर अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा में बंटता है। ऐसे में अरब सागर शाखा अगर 30 मई तक केरलम में बारिश शुरू करता है तो यह कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समय से पहले पहुंचेगा। हालांकि, दक्षिण के राज्यों में मानसून पूर्व बारिश शुरू हो गई है। इन इलाकों में 17 मई तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
अंडमान और निकोबार से निकलकर बंगाल की खाड़ी मानसून शाखा पूर्वोत्तर राज्य, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दिल्ली तक 15 जुलाई तक फैल जाती है। आईएमडी के मुताबिक, पूर्वोत्तर भारत में 13 से 19 मई तक भारी बारिश होगी, जो मानसून पूर्व बारिश का अनुमान है। ऐसे में यहां भी 25 मई तक मानसून आएगा, जिससे उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक 28 जून से 1 जुलाई तक मानसून पहुंच सकता है।
भले मानसून के जल्दी आने की संभावना है, लेकिन यह ज्यादा असरदार नहीं होगी। ऐसी संभावना मौसम वैज्ञानिक जता चुके हैं। उनके मुताबिक, प्रशांत महासागर में अल नीनो विकसित हो रहा है, जो देश में जून से सितंबर तक होने वाली बारिश पर असर डालेगी। यह सामान्य से कम 92 प्रतिशत रहने की संभावना है। अल नीनो में समुद्र की सतह का पानी गर्म होता है, जो मानसून की हवाओं को कमजोर करता है, जिससे बारिश कम होती है।

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