देशभर में मानसून का कहर: महाराष्ट्र में 16 मौतें, कई राज्यों में बाढ़-भूस्खलन, 15 जुलाई तक पूरे देश में सक्रिय होगा मानसून

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नई दिल्ली,। देशभर में मानसून धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है, लेकिन जिन राज्यों में इसकी दस्तक हो चुकी है, वहां भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, ओडिशा और राजस्थान सहित कई राज्यों में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने आगामी 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 जुलाई तक मानसून पूरे देश में सक्रिय हो जाएगा।
महाराष्ट्र में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचाई। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए आईएमडी ने रेड अलर्ट जारी किया है।
भारी वर्षा के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराना मुंबई-पुणे राजमार्ग प्रभावित रहे। भूस्खलन के चलते मिसिंग लिंक मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। जलभराव और भूस्खलन की वजह से पश्चिमी रेलवे की 40 से अधिक ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट तथा उत्तराखंड में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में रातभर हुई भारी बारिश के दौरान एक 14 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। चंबा जिले में चंबा-टिस्सा मार्ग तथा कुल्लू जिले में लारजी-सैंज सड़क भूस्खलन और बाढ़ के कारण बंद हो गई है।
जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया। किश्तवाड़ में निर्माणाधीन 540 मेगावाट क्वार जलविद्युत परियोजना के समीप कई वाहन बाढ़ के पानी में डूब गए। उत्तराखंड में लगातार बारिश से कई नदियां उफान पर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है।
छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए दोनों राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
छत्तीसगढ़ में शिवनाथ, खारुन सहित कई नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ओडिशा में लगातार तीसरे दिन भी बारिश जारी रही, जबकि राजस्थान के कई क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की खबरें हैं।
आईएमडी के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य महाराष्ट्र में 51 से 67 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई। ओडिशा के सोनपुर में 33 सेंटीमीटर तथा सौराष्ट्र और कच्छ में 20 सेंटीमीटर बारिश हुई।
इसके अलावा उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15 से 20 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं हिमाचल प्रदेश, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, असम और मणिपुर में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून की रफ्तार लगातार बढ़ रही है और संभावना है कि 15 जुलाई तक यह पूरे देश को अपनी चपेट में ले लेगा। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

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