राम मंदिर ट्रस्ट ने 2 साल में 4 कार्यक्रमों पर खर्चे 124 करोड़, एसआईटी की नजर

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अयोध्या,07 जुलाई(आरएनएस)। अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी के बीच एक नया खुलासा हुआ है, जिसने विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एसआईटी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पिछले 2 वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड का ऑडिट कर रही है, जिसमें पता चला है कि ट्रस्ट ने मंदिर के आयोजनों पर 124 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। एसआईटी व्यापक लेखापरीक्षा के तहत खर्चों की जांच कर रही है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
ट्रस्ट ने 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पर सबसे अधिक 113 करोड़ रुपये खर्च किए। कार्यक्रम में 8,000 अतिथि आए थे। यह देश का सबसे महत्वपूर्ण आयोजन था। इस दौरान टेंट-सिटी पर 35.97 करोड़, अक्षत पूजन पर 30.85 करोड़, प्रचार-विज्ञापनों पर 21.77 करोड़, सजावट-प्रकाश पर 14.62 करोड़, भोजन पर 5.11 करोड़, धार्मिक अनुष्ठानों पर 1.06 करोड़, भक्ति संगीत पर 93 लाख, साउंड पर 68 लाख, बिजली-मंडल पूजन पर 43 लाख और विविध 51 लाख रुपये खर्च हुए।
इसके अलावा, 11 से 13 जनवरी, 2025 तक आयोजित पहले प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह पर 83 लाख रुपये खर्च किए गए, जिसमें प्रकाश व्यवस्था और सजावट पर 52 लाख रुपये शामिल हैं। महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए किए गए इंतजामों पर खर्च किए गए 43 लाख रुपये किए गए हैं। इसके अलावा, 25 नवंबर, 2025 को आयोजित राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह में 10.12 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित लगभग 6,000 अतिथि शामिल हुए थे।
एसआईटी की जांच अब केवल चंदा चोरी तक सीमित नहीं, बल्कि इसमें ट्रस्ट की वित्तीय प्रणालियों, व्यय अभिलेखों और अनुमोदन प्रक्रियाओं की जांच भी शामिल है। जांच टीम ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट, भुगतान वाउचर, बिल, चार्टर्ड अकाउंटेंट के रिकॉर्ड और व्यय विवरणों की जांच कर रही है। एसआईटी जांच कर रही है कि क्या कार्यक्रम संबंधित स्वीकृतियां, भुगतान प्रक्रियाएं और मदवार व्यय ट्रस्ट के वित्तीय नियमों के अनुरूप थे। ट्रस्ट ने कार्यक्रमों में प्रति-प्रतिभागी लगभग 16,000 रुपये खर्च किया था।
ट्रस्ट ने सोमवार को अपनी बैठक में बताया कि उसे निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस दान से कुल 3,264 करोड़ रुपये और शुरू से लेकर 31 मार्च, 2026 तक कुल चढ़ावा 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ है। भक्तों ने नवंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच 2.3 किलोग्राम सोना और 83.3 किलोग्राम चांदी दान की थी। महाकुंभ के दौरान, 1.5 किलोग्राम सोना और 28 किलोग्राम चांदी अतिरिक्त भेंट के रूप में प्राप्त हुई थी। इसकी भी एसआईटी जांच जारी है।

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